जेपी के नाम पर जातिवाद दुर्भाग्यपूर्ण : दीपक मिश्र

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) ने लोकनायक जयप्रकाश की जयंती के अवसर पर सर्वोदय, समाजवाद व जेपी-लोहिया की विरासत विषयक संगोष्ठी का आयोजन सोमवार को हुआ। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रसपा के मुख्य प्रवक्ता दीपक मिश्र ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण गांधी-लोहिया परंपरा व विरासत के प्रकाश स्तंभ थे, जिनसे भारत का लोक जीवन सदियों तक प्रकाशित व प्रेरित रहेगा। उन्होंने लोहिया के साथ मिलकर बयालीस की क्रांति को सशक्त किया।

स्वतंत्रता के बाद सत्ता की जगह समाजवाद व सिद्धांत का वरण किया। आपातकाल आरोपित होने के बाद लोकतंत्र बचाने के लिए निर्णायक संघर्ष किया और समग्र क्रांति का सूत्र दिया। वे प्रगतिशील लेखक संघ से भी जुड़े थे और जितने बड़े राजनेता और संगठक थे, उतने ही महान लेखक व संपादक थे, उन्होंने कई पुस्तकें लिखी। जेपी व जनता पार्टी की विरासत को आत्मसात करते हुए ही नानाजी देशमुख व अटल बिहारी बाजपेयी ने पार्टी से अलग होने के बाद राजमाता के खुले विरोध के बावजूद जनसंघ का नाम बदलकर भारतीय जनता पार्टी किया था लेकिन भाजपा जेपी की बजाय कांग्रेस की राह पर चल रही है।

दीपक ने कहा कि एक पार्टी लोकनायक को एक जाति विशेष में बांधने का कुत्सित प्रयास कर रही है जो दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण है। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रंजीत यादव व संचालन प्रदेश महासचिव हरिशंकर यादव ने किया। संगोष्ठी को युवजन सभा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी, बौद्धिक सभा के महासचिव ब्रजेश मिश्र, पार्टी प्रवक्ता अरविंद यादव, मनीष मिश्र, देवी सिंह समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।

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