Hospital News: 100 सैय्या का अस्पताल राजनीतिक उपेक्षा का शिकार, डॉक्टरों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा अस्पताल

Hospital News: : जनपद मऊ के टड़ियाव क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बना 100 सैय्या का सरकारी अस्पताल कई वर्षों बाद भी पूरी तरह से संचालित नहीं हो सका है। अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं और भवन तैयार होने के बावजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण यह अस्पताल आज भी बदहाली का शिकार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल के होने के बावजूद उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।

जानकारी के अनुसार इस अस्पताल का निर्माण समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान घोसी से सपा विधायक रहे स्वर्गीय Sudhakar Singh की मांग पर शुरू हुआ था। निर्माण कार्य पूरा होने तक प्रदेश की सत्ता बदल चुकी थी और Bharatiya Janata Party की सरकार आ गई।

इसी बीच कुछ वर्षों बाद पूरे देश में कोरोना महामारी फैल गई। उस समय अस्पतालों में बेड और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी देखी गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय टड़ियाव का यह 100 सैय्या अस्पताल पूरी तरह चालू कर दिया जाता तो आसपास के लोगों को काफी राहत मिल सकती थी।

हालांकि बाद में अस्पताल की औपचारिक शुरुआत जरूर की गई, लेकिन आज भी यहां के कई महत्वपूर्ण विभागों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप अस्पताल की अधिकांश सुविधाएं कागजों तक ही सीमित रह गई हैं और भवन लगभग खाली पड़ा रहता है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजनीतिक कारणों से इस अस्पताल को पूरी तरह विकसित नहीं किया जा रहा है। उनका मानना है कि अगर अस्पताल पूरी क्षमता के साथ संचालित होता है तो इसका श्रेय पिछली सरकार को जाएगा, जिसकी वजह से वर्तमान सरकार पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।

लोगों का कहना है कि सरकारों को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर उठकर जनता के हित में काम करना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी होती हैं और अस्पतालों को राजनीति का मुद्दा बनाने से आम जनता की जिंदगी पर सीधा असर पड़ता है।

क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस 100 सैय्या अस्पताल में जल्द से जल्द डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि लाखों की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और अस्पताल का उद्देश्य पूरा हो सके।

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