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Kushinagar News: इन–स्पेस कंप्टीशन 2024-25 कि तैयारी पूरा सुबह 7 बजे लांच होंगे 10 कैनसैट

Kushinagar News: देवरिया लोकसभा के तमकुहीराज में आयोजित राष्ट्रीय इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कंप्टीशन 2024-25 के लिए रविवार का दिन निर्णायक साबित हुआ। देश भर के 47 कॉलेजों से आए 600 युवा वैज्ञानिकों और 120 वरिष्ठ वैज्ञानिकों का जमावड़ा जीरो बंधा स्थित पिपराघाट पर लग चुका है। इसरो (ISRO), इन-स्पेस और एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) के विशेषज्ञों की जूरी पैनल ने इन युवा प्रतिभाओं द्वारा डिज़ाइन किए गए कैनसैट और रॉकेट्री मॉडल्स का गहन तकनीकी रिव्यू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

वरिष्ठ वैज्ञानिकों की जूरी पैनल ने प्रतिभागियों द्वारा डिज़ाइन किए गए मॉडल्स के एवियोनिक्स, लॉन्च व्हीकल स्ट्रक्चर और स्थिरता जैसे जटिल तकनीकी पहलुओं की जाँच की। जूरी की ‘हरी झंडी’ मिलने के बाद अब मॉडल्स सोमवार को नारायणी प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

इस बड़े राष्ट्रीय आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट है। लोकसभा क्षेत्र देवरिया के सांसद शशांक मणि के साथ मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, सर्किल ऑफिसर (सीओ) और सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सहित पूरे प्रशासनिक अमले ने लॉन्च साइट और आवासीय व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा, कानून व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया। सांसद ने कहा कि लंबी तैयारियों के बाद हम प्रक्षेपण के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी एवं मुख्यमंत्री योगी जी के मार्गदर्शन में देवरिया लोकसभा अब एक नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। इस ऐतिहासिक आयोजन में इन स्पेस, इसरो, एएसआई, कुशीनगर प्रशासन, और सामाजिक संस्थाओं के साथ सभी स्थानीय नागरिकों की ऊर्जा सराहनीय है। अगले चार दिन तक देश के अलग अलग राज्यों से आए युवा वैज्ञानिक नारायणी के तट से मॉडल रॉकेट का प्रक्षेपण करेंगे, जो हमारे क्षेत्र के युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति नई चेतना का प्रवाह करेगा, और अमृत प्रयास में आतंरिक्ष का पूरा योगदान भी संभव होगाl

 

*आज से लॉन्चिंग का महाकुंभ*

 

इन चार दिनों में प्रतिभागियों के लिए विज्ञान के साथ एडवेंचर और संस्कृति का भी अनुभव तैयार किया गया है। छात्रों को बुद्ध महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर का भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे यहां की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को भी समझ सकें। इसके अलावा, गौरी इंटर कॉलेज में पैराग्लाइडिंग, बांसी नदी में बोटिंग, और घुड़सवारी की व्यवस्था की गई है। ये गतिविधियाँ छात्रों को तकनीकी तनाव से दूर रखने और पूर्वांचल के प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने में सहायक होंगी।

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