Jaunpur News-दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने पर पत्नी को 3 माह की सजा

Jaunpur News-यूपी के जौनपुर में दीवानी न्यायालय स्थित अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो उमेश कुमार की अदालत ने आपसी विवाद की वजह से पति पर अपनी ही नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने का मुकदमा चलाने वाली पत्नी को दोषी पाते हुए तीन माह के कारावास व 5000 रुपए अर्थ दंड से दंडित किया।

मामले के अनुसार 2017 में सरपतहा थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपने पति के ऊपर आरोप लगाया कि वह उसकी नाबालिग पुत्री से बलात्कार किया है। जिसमें न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस के उपरांत 24 दिसम्बर 2025 को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने पति को दोष मुक्त कर दिया और फर्जी मुकदमा करने के आरोप में पत्नी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज किया था।

सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में आज शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो उमेश कुमार की अदालत ने पत्नी को फर्जी ढंग से पति को फंसाने के मामले में तीन माह के कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। न्यायालय ने कहा पिता पुत्री का संबंध सिर्फ रक्त से ही नहीं बल्कि भरोसा, सम्मान और गहरे भावनात्मक जुड़ाव का रिश्ता है।पत्नी का यह कहना सही नहीं है कि वह दुष्कर्म का अर्थ नहीं जानती थी। उसके इस कृत्य से एक निर्दोष व्यक्ति का जीवन तबाह हो गया। उसे अपराध बोध लज्जा की अनुभूति हुई होगी। आरोप लगते ही समाज आरोपित को दोषी मान लेता है तथा परिवार, मित्र, पड़ोसी और रिश्तेदार उससे दूरी बनाने लगते हैं। उसका सामाजिक बहिष्कार हो जाता है।

इसके अतिरिक्त आरोपित व्यक्ति को गिरफ्तारी, जमानत, कानूनी प्रक्रिया और अदालत के खर्चे से हुए तनाव से गुजरना पड़ता है। यदि कोई पाक्सो ऐक्ट का दुरुपयोग करे और पिता पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने का प्रयास करे तो इससे सामाजिक ढांचा अस्त-व्यस्त हो जाएगा। अतः आरोपिता किसी प्रकार के रहम की पात्र नहीं है। इसलिए अदालत ने उसे दंडित करते हुए जेल भेज दिया।

Jaunpur News-Read Also-Pannuganj Police: दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी के घर पर पुलिस ने कुर्की की नोटिस किया चस्पा, इनाम घोषित करने की प्रकिया शुरू

Related Articles

Back to top button