Health News: कभी स्मोकिंग न करने वालों में भी बढ़ रहा फेफड़ों के कैंसर का खतरा, कोरिया की स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे

Health News: फेफड़ों का कैंसर अब केवल धूम्रपान करने वालों की बीमारी नहीं रह गई है। कोरिया से आई एक नई स्टडी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जो लोग कभी स्मोकिंग नहीं करते, उनमें भी लंग कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। रिसर्च में खासतौर पर क्रॉनिक लंग डिजीज और सामाजिक–आर्थिक हालात को बड़ी वजह बताया गया है।

यह स्टडी कोरिया के कई मेडिकल सेंटरों में की गई थी, जिसमें 2016 से 2020 के बीच 3,000 ऐसे मरीजों का डेटा लिया गया जिन्हें कभी स्मोकिंग की आदत नहीं रही, लेकिन फिर भी उन्हें नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) हुआ। इनकी तुलना 3,000 ऐसे लोगों से की गई जिनकी सीटी स्कैन रिपोर्ट सामान्य थी।

स्टडी में शामिल मरीजों की औसत उम्र 60 साल थी और उनमें से करीब 81 प्रतिशत महिलाएं थीं। अच्छी बात यह रही कि ज्यादातर मरीजों में कैंसर की पहचान शुरुआती स्टेज यानी स्टेज–1 में ही हो गई थी।

रिसर्च के मुताबिक, जिन लोगों को पहले से क्रॉनिक लंग डिजीज थी, उनमें लंग कैंसर होने का खतरा लगभग तीन गुना ज्यादा पाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक फेफड़ों की बीमारी रहने से वहां सूजन और नुकसान होता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है।

इसके अलावा सामाजिक और आर्थिक हालात भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। स्टडी में पाया गया कि राजधानी क्षेत्र से बाहर रहने वाले लोगों में लंग कैंसर का जोखिम ज्यादा था। बेरोजगार लोगों में भी खतरा बढ़ा हुआ मिला, जबकि ज्यादा पढ़े–लिखे लोगों में यह जोखिम कम देखा गया।

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परिवार में अगर पहले किसी को लंग कैंसर रहा हो तो उसका असर भी दिखाई दिया। ऐसे लोगों में कैंसर का खतरा थोड़ा ज्यादा था, हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सीधा किसी खास जीन म्यूटेशन से जुड़ा हुआ नहीं दिखा।

इस रिसर्च के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि अब लंग कैंसर की जांच सिर्फ स्मोकर्स तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिन लोगों को लंबे समय से सांस की बीमारी है, या जो सामाजिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं, उन्हें भी समय–समय पर जांच करानी चाहिए।

डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते पहचान हो जाए तो इलाज संभव है और मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग सिर्फ धूम्रपान को ही लंग कैंसर की वजह न मानें, बल्कि अपनी सेहत पर हर स्तर पर ध्यान दें।

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