India US Trade Deal: US ट्रेड डील के बाद भारत में सस्ते होंगे फल, ड्राई फ्रूट्स और सोयाबीन तेल, कई सेक्टरों को बड़ा फायदा

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए अंतरिम व्यापार समझौते के बाद कई आयातित वस्तुओं की कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। इस डील के तहत फल, ड्राई फ्रूट्स, सोयाबीन तेल, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और शराब जैसी अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क में राहत मिलने से भारतीय बाजार में इनके दाम घट सकते हैं। वहीं, अमेरिकी प्रशासन ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने की घोषणा भी की है, हालांकि रूस से तेल आयात दोबारा शुरू होने की स्थिति में इस शुल्क को फिर लागू करने की चेतावनी दी गई है।

व्हाइट हाउस द्वारा जारी कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि अमेरिकी वाणिज्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भारत के तेल आयात पर नजर रखेंगे। यदि भारत रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल खरीदता है तो अमेरिकी राष्ट्रपति को दोबारा अतिरिक्त टैक्स लगाने का अधिकार होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इस ट्रेड फ्रेमवर्क पर सहमति जताई थी।

समझौते के अनुसार, भारत के पारंपरिक कृषि क्षेत्रों को लेकर किसानों की चिंता कम करने की कोशिश की गई है। गेहूं, चावल, दूध, पनीर या केले जैसे प्रमुख उत्पादों के आयात की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, पशुचारा, सोयाबीन तेल, कुछ फल और अमेरिकी शराब के आयात में तेजी आ सकती है क्योंकि सरकार इन पर मौजूद बाधाओं को कम करेगी।

इस डील से भारतीय उद्योगों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। ऑटोमोबाइल पुर्जे, विमानन सेक्टर, जेनेरिक दवाइयां और रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों के लिए अमेरिकी बाजार में अवसर बढ़ेंगे। अमेरिका ने जेनेरिक दवाइयों, हीरे-जवाहरात और कुछ विमान पुर्जों पर अतिरिक्त शुल्क हटाने की बात कही है, जबकि भारत को ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए विशेष रियायती कोटा मिल सकता है।

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हालांकि अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल, चमड़ा, जूते, रबर, रसायन और घरेलू सामान पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू करने की बात भी कही है, जो पहले की तुलना में ज्यादा है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया के अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारत को निर्यात में बढ़त मिल सकती है।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का बाजार और अधिक खुल जाएगा। उनका दावा है कि निर्यात बढ़ने से एमएसएमई, किसान, युवाओं और महिलाओं को फायदा होगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कुल मिलाकर, यह अंतरिम समझौता भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को नई दिशा देने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

Written By: Kalpana Pandey

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