Artemis-2 Mission: 50 साल बाद चांद के सफर की आहट, Artemis-2 की लॉन्च रिहर्सल सफल

Artemis-2 Mission: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन Artemis II के तहत विशाल Space Launch System (SLS) रॉकेट का दूसरा फ्यूलिंग टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। पहले प्रयास में हाइड्रोजन लीकेज की समस्या सामने आई थी, लेकिन इस बार तकनीकी खामियों को दूर कर परीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया तक पहुंचाया गया।

 क्या रहा खास?

केप कैनावेरल स्थित Kennedy Space Center में इंजीनियरों ने रॉकेट में करीब 7 लाख गैलन से अधिक सुपर-कोल्ड ईंधन भरा। काउंटडाउन को अंतिम 30 सेकंड तक ले जाया गया और फिर अंतिम 10 मिनट की प्रक्रिया दोहराई गई। इस बार हाइड्रोजन का रिसाव सुरक्षा मानकों के भीतर रहा, जो मिशन के लिए बड़ी राहत है।

पिछली बार क्या हुआ था?

दो हफ्ते पहले हुए परीक्षण में लॉन्च पैड और रॉकेट के जोड़ से तरल हाइड्रोजन का खतरनाक रिसाव हुआ था। इसके बाद इंजीनियरों ने दो सील और एक जाम फिल्टर को बदला। ताजा टेस्ट में नए सील्स ने बेहतर प्रदर्शन दिखाया।

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 कौन जाएंगे चांद के करीब?

इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—शामिल हैं। इनमें अमेरिका और कनाडा के सदस्य हैं। दल अब लॉन्च से पहले दो हफ्ते के क्वारंटीन में रहेगा।

मिशन की अहमियत

अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो 6 मार्च को लॉन्च संभव है। यह मिशन चांद की कक्षा का चक्कर लगाकर लगभग 10 दिन में पृथ्वी पर लौट आएगा। Apollo 17 के बाद पहली बार इंसान चांद के इतने करीब पहुंचेंगे। हालांकि इस उड़ान में लैंडिंग नहीं होगी, लेकिन इसे भविष्य के चंद्र अवतरण मिशन की तैयारी का बड़ा कदम माना जा रहा है।

Written By: Kalpana Pandey

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