Political Update/Vadodara: गुजरात में BJP का नया दांव या जोखिम? अंकिता परमार को टिकट, पार्टी में उठे सवाल
वडोदरा की पोर सीट पर BJP का बड़ा दांव—युवा चेहरे को मौका, लेकिन पार्टी के भीतर ही उठे विरोध के सुर
Political Update/Vadodara: गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के बीच भारतीय जनता पार्टी का एक फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चा और विवाद दोनों का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर अपनी मजबूत पहचान रखने वाली युवा नेता अंकिता परमार को पार्टी ने वडोदरा जिले की पोर सीट से उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले ने जहां एक ओर पार्टी की नई रणनीति की झलक दिखाई है, वहीं दूसरी ओर संगठन के भीतर असंतोष भी बढ़ा दिया है।
अंकिता परमार का नाम पहली बार तब सुर्खियों में आया था जब उन्होंने एक जिम ट्रेनर से राजनीति में कदम रखते हुए 2021 में तहसील पंचायत चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने तेजी से राजनीतिक सीढ़ियां चढ़ीं और 2023 में वडोदरा तहसील पंचायत की चेयरमैन बनीं। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
हाल ही में बीजेपी ने उन्हें गुजरात युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। उस समय यह माना जा रहा था कि उन्हें संगठनात्मक भूमिका में सीमित कर दिया गया है, लेकिन पार्टी ने अचानक उन्हें पोर सीट से टिकट देकर सभी को चौंका दिया। इस कदम को पार्टी के युवा चेहरों को आगे लाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, इस फैसले के बाद विवाद भी तेजी से उभर कर सामने आया है। पोर सीट से दावेदारी कर रहीं नयना परमार ने टिकट वितरण पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है और टिकट देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
विवाद उस समय और गहरा गया जब नयना परमार ने पूर्व जिला बीजेपी अध्यक्ष रसिक प्रजापति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने टिकट के बदले पैसों के लेनदेन की बात कही, हालांकि इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थिति तब और दिलचस्प हो गई जब नयना परमार ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया की लोकप्रियता पर भी तंज कसते हुए कहा कि ‘रील लाइफ’ और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर होता है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बगावत के बावजूद उनकी विचारधारा बीजेपी के साथ ही जुड़ी रहेगी।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो अंकिता परमार का संबंध वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी की टीम से माना जाता है, जो गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में इस टिकट के पीछे संगठन के अंदरूनी समीकरणों की भी चर्चा हो रही है।
कुल मिलाकर, पोर सीट का यह चुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह बीजेपी के अंदरूनी संतुलन, युवा बनाम अनुभव और सोशल मीडिया बनाम जमीनी राजनीति की बहस का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी का यह दांव चुनावी जीत दिलाता है या फिर यह विवाद उसके लिए मुश्किलें खड़ी करता है।



