Bangladesh News: बांग्लादेश बन चुका है दूसरा पाकिस्तान…’ शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय का बड़ा दावा, भारत को दी चेतावनी
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में साजीब वाजेद जॉय ने कहा कि बांग्लादेश भारत के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती बन चुका है। वहीं शेख हसीना ने भी दो साल बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े दावे किए।
Bangladesh News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और उनके पूर्व आईटी सलाहकार साजीब वाजेद जॉय ने भारत की सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा किया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बांग्लादेश भारत के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती बन गया है और यदि समय रहते हालात नहीं संभाले गए, तो भविष्य में यह देश भारत के लिए “दूसरा पाकिस्तान” साबित हो सकता है।
‘भारत के पूर्वी मोर्चे पर नई चुनौती’
फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC) के कार्यक्रम में शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन से पहले साजीब वाजेद जॉय ने कहा कि भारत को अपनी पश्चिमी सीमा के साथ-साथ अब पूर्वी सीमा पर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेष रूप से पाकिस्तान की ISI, को खुली छूट मिल रही है। जॉय ने दावा किया कि यदि मौजूदा हालात पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो भविष्य में आतंकी गतिविधियों का नया केंद्र बांग्लादेश बन सकता है। यह उनका राजनीतिक आरोप और सुरक्षा संबंधी आकलन है।
दो साल बाद शेख हसीना का पहला सार्वजनिक संबोधन
उधर, सत्ता से हटने के करीब दो साल बाद शेख हसीना ने पहली बार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन और सत्ता परिवर्तन की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और उनकी सरकार बातचीत के लिए तैयार थी।
हसीना ने आरोप लगाया कि बाद में कुछ संगठित समूहों ने छात्र आंदोलन का इस्तेमाल हिंसा फैलाने और सत्ता परिवर्तन के लिए किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह आंदोलन अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित रणनीति और पर्दे के पीछे से निर्देश देने वाले लोग सक्रिय थे।
’19 बार हुई हत्या की कोशिश, फिर भी लौटूंगी’
शेख हसीना ने कहा कि उनके अनुसार उनकी हत्या की 19 बार कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद वह बांग्लादेश लौटने का फैसला कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह दिसंबर 2026 में अपने देश लौटना चाहती हैं, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान का जोखिम ही क्यों न उठाना पड़े।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेश की वर्तमान सरकार उन्हें झूठे मुकदमों, संभावित मौत की सजा और कानूनी कार्रवाई की धमकियों से डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह पीछे हटने वाली नहीं हैं।
कैमरा बंद रखकर दिया संबोधन
सुरक्षा कारणों से शेख हसीना ने लगभग 25 मिनट का वर्चुअल संबोधन कैमरा बंद रखकर दिया। कार्यक्रम में केवल उनकी आवाज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि वह अपने देश और वहां के लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई हैं और निर्वासन के बावजूद उनका रिश्ता बांग्लादेश से कभी नहीं टूटा।
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर बांग्लादेश छोड़ दिया था और तब से वह भारत में रह रही हैं।



