Brazil vs Peru T20: 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए, 68 रन पर ढेर हुई पूरी टीम; T20 में शर्मनाक हाल
South American Men's T20 Championship में ब्राजील के गेंदबाजों ने पेरू की पूरी टीम को सिर्फ 68 रन पर समेट दिया।
Brazil vs Peru T20: टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाजों से तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जाती है, वहीं कई बार किसी टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर जाती है। ऐसा ही नजारा साउथ अमेरिकन मेन्स टी20 इंटरनेशनल चैंपियनशिप के पहले मुकाबले में देखने को मिला, जहां पेरू की पूरी टीम महज 68 रन पर ऑलआउट हो गई। ब्राजील के गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि पेरू के 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। नतीजा यह रहा कि ब्राजील ने बेहद आसानी से 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया और टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पेरू की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। ब्राजील के गेंदबाजों ने पेरू के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। एक के बाद एक विकेट गिरते रहे और पेरू की पारी संभलने का नाम नहीं ले सकी। टीम की ओर से सिर्फ हरशिल ब्रह्मभट्ट ही कुछ देर क्रीज पर टिक पाए। उन्होंने 43 गेंदों का सामना करते हुए 26 रन बनाए, जिसमें तीन चौके शामिल रहे। उनके अलावा प्रवीन हेमंत शामदासानी ने 12 रन का योगदान दिया।
पेरू की बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम के तीन बल्लेबाज अपना खाता तक नहीं खोल सके। वहीं कप्तान सुरेश कुमार समेत कई बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार करने में नाकाम रहे। पेरू के नौ बल्लेबाज 10 रन तक नहीं पहुंच सके। लगातार गिरते विकेटों के कारण टीम 20 ओवर तक भी नहीं टिक पाई और पूरी पारी 68 रन पर सिमट गई।
पेरू की इस हालत के पीछे सबसे बड़ी वजह ब्राजील की शानदार गेंदबाजी रही। ब्राजील के गेंदबाजों ने न तो अतिरिक्त रन दिए और न ही पेरू के बल्लेबाजों को रन बनाने की आजादी दी। यासर हारून ने सबसे घातक गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 17 रन खर्च किए और चार विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी के सामने पेरू के बल्लेबाज लगातार मुश्किल में नजर आए।
यासर हारून का साथ गेब्रियल ओटावियो ने भी बखूबी निभाया। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में महज 16 रन देकर तीन विकेट झटके। दोनों गेंदबाजों ने मिलकर पेरू की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा लुइज मोराइस और लुइज गेब्रिएल मोरास को भी एक-एक विकेट मिला। ब्राजील के गेंदबाजों की इस शानदार गेंदबाजी का नतीजा रहा कि पेरू की टीम बड़ा स्कोर तो दूर, 70 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी।
68 रन के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी ब्राजील की शुरुआत भी पूरी तरह आसान नहीं रही। पेरू के गेंदबाजों ने शुरुआत में कुछ विकेट निकालकर मैच में वापसी की कोशिश की। ब्राजील ने जल्दी-जल्दी अपने विकेट गंवाए, जिससे कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि पेरू शायद कम स्कोर के बावजूद मुकाबले को रोमांचक बना सकता है।
हालांकि, ब्राजील के कप्तान मिचेल असुनकाओ ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 22 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 31 रन की तेज पारी खेली और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। यासर हारून ने भी गेंदबाजी के बाद बल्ले से योगदान दिया और 23 गेंदों पर 18 रन बनाए। दोनों के बीच उपयोगी साझेदारी ने ब्राजील को मुश्किल स्थिति से निकाल दिया।
पेरू की ओर से रिचर्ड चेटरटन ने दो विकेट लिए, जबकि कप्तान सुरेश कुमार और हरशिल ब्रह्मभट्ट को एक-एक सफलता मिली। लेकिन पेरू के पास बचाव के लिए इतना छोटा स्कोर था कि गेंदबाजों के लिए ज्यादा कुछ करने का मौका ही नहीं था। ब्राजील ने 10.4 ओवर में चार विकेट खोकर 69 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस तरह ब्राजील ने साउथ अमेरिकन मेन्स टी20 इंटरनेशनल चैंपियनशिप के अपने पहले मुकाबले में 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा ब्राजील की गेंदबाजी की रही, जिसने पेरू की पूरी बल्लेबाजी को महज 68 रन पर समेट दिया। खास तौर पर यासर हारून और गेब्रियल ओटावियो की गेंदबाजी पेरू के लिए भारी पड़ी।
टी20 क्रिकेट में 68 रन का स्कोर बेहद छोटा माना जाता है और पेरू की पारी में बल्लेबाजों का लगातार विकेट गंवाना टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता रही। नौ बल्लेबाजों का दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाना बताता है कि ब्राजील के गेंदबाजों ने किस तरह पेरू पर दबाव बनाए रखा।
ब्राजील के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि उसने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन किया। पहले गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को बड़े स्कोर से रोक दिया और फिर बल्लेबाजों ने छोटे लक्ष्य को ज्यादा परेशानी के बिना हासिल कर लिया। कप्तान मिचेल असुनकाओ की पारी और यासर हारून के ऑलराउंड प्रदर्शन ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
टूर्नामेंट की शुरुआत में ही इस मुकाबले ने दिखा दिया कि टी20 क्रिकेट में एक खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन किस तरह पूरी टीम को बैकफुट पर ला सकता है। पेरू के लिए अब आगे के मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम करना होगा, जबकि ब्राजील इस जीत से आत्मविश्वास के साथ टूर्नामेंट में आगे बढ़ेगा।



