Samay Raina Kashmiri Pandit: कश्मीरी पंडितों के पलायन पर छलका समय रैना का दर्द, नाना को मिली थी जान से मारने की धमकी
समय रैना ने बताया कैसे परिवार को रातोंरात कश्मीर छोड़ना पड़ा, कश्मीरी मुसलमानों ने की थी नाना की मदद
Samay Raina Kashmiri Pandit: कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के ‘मेंबर्स ओनली’ एपिसोड की एक क्लिप वायरल होने के बाद कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और उस दौर की घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इसी बीच समय रैना का वह पुराना बयान भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपने परिवार के साथ हुई घटना और कश्मीर से पलायन का दर्द साझा किया था।
समय रैना ने अप्रैल 2026 में एक पॉडकास्ट में अपने परिवार की आपबीती सुनाते हुए बताया था कि 1990 के दौर में उनके परिवार को रातोंरात कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने बताया था कि उनके नाना सोमनाथ कोल को जान से मारने की धमकी वाली चिट्ठी मिली थी। इस घटना के बाद परिवार में डर का माहौल बन गया था और उनकी मां और नानी तक बेहोश हो गई थीं।
समय ने बताया था कि उनके नाना जिस क्लीनिक में काम करते थे, वहां भी उन्हें मारने की कोशिश की जा सकती थी। हालांकि, उस समय कुछ कश्मीरी मुसलमानों ने उनके नाना की मदद की और उन्हें सुरक्षित वहां से बाहर निकाल दिया। समय के मुताबिक, उनके नाना की जान बचाने में उन कश्मीरी मुसलमानों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, जिन्होंने खतरे के बावजूद उनका साथ दिया।
समय रैना ने यह भी बताया था कि उनके परिवार के इस अनुभव का उनके बचपन और आगे की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा। परिवार को अपना घर, जमीन-जायदाद और पुरानी जिंदगी पीछे छोड़कर पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा था कि कश्मीरी पंडितों की एक पूरी पीढ़ी ने अपना घर और पहचान खो दी।
उन्होंने बताया था कि आज भी उन्हें कश्मीर जाने में डर लगता है। समय के मुताबिक, उनकी मां कई वर्षों बाद कश्मीर गई थीं और वहां अपने पुराने घर और जगह को देखकर भावुक हो गई थीं। लेकिन जब उन्होंने देखा कि वहां पहले जैसा कुछ नहीं बचा है तो वह रो पड़ीं।
समय रैना ने उन कश्मीरी पंडित परिवारों का भी जिक्र किया था, जिन्होंने डर के बावजूद कश्मीर छोड़ने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि कई लोगों ने वहां रहने और अपनी जमीन नहीं छोड़ने का फैसला किया, लेकिन बाद में उन्हें बेहद क्रूर तरीके से मार दिया गया।
समय रैना की यह कहानी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि उन्होंने कश्मीरी पंडितों के दर्द के साथ-साथ उन कश्मीरी मुसलमानों का भी जिक्र किया, जिन्होंने उनके परिवार की मुश्किल घड़ी में मदद की थी। उनका बयान कश्मीर के उस दौर की जटिल और दर्दनाक तस्वीर को सामने रखता है, जिसमें एक तरफ बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों को विस्थापन का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानीय मुस्लिम परिवारों ने भी खतरे के बीच उनकी मदद की।
अब ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ की वायरल क्लिप के बाद समय रैना के पुराने बयान की चर्चा फिर शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग उनके परिवार द्वारा झेले गए अनुभव और कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के दर्द को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।



