Bank Strike January 27 2026: पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर सरकारी बैंकों में हड़ताल, बैंकिंग सेवाएं ठप

Bank Strike January 27 2026: यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर सोमवार, 27 जनवरी 2026 को जिले सहित पूरे देश के सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हड़ताल का मुख्य कारण सप्ताह में दो दिन बैंक बंदी एवं पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने की मांग है। बैंक कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह मांग किसी नई व्यवस्था की नहीं, बल्कि पहले से हुए द्विपक्षीय समझौतों के पालन से जुड़ी हुई है।

यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 7 दिसंबर 2023 को भारतीय बैंक संघ (IBA) और UFBU के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MOU) तथा 8 मार्च 2024 को हुई वार्ता में यह स्पष्ट रूप से तय हुआ था कि सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित किया जाएगा। इसके बदले प्रतिदिन के कार्य घंटे आपसी सहमति से बढ़ाए जाएंगे। इसके बावजूद सरकार द्वारा इस सुलह समझौते का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे बैंक कर्मचारी और अधिकारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि औद्योगिक समझौतों की बाध्यता को न मानना सरकार की मनमानी और कर्मचारियों के विश्वास का हनन है। इसी कारण देशभर के बैंक कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है और आंदोलन को मजबूरी बताया गया है।

हड़ताल के दौरान भारतीय स्टेट बैंक परिसर में बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों की एक सभा आयोजित की गई। सभा को पंजाब नेशनल बैंक से नरेंद्र प्रसाद मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा से एस.बी. सिंह, भारतीय स्टेट बैंक से कमलेश कुमार सिंह, शशांक कुमार, संजीव गुप्ता, केनरा बैंक से अमरजीत तथा इंडियन बैंक से दिनेश कुमार ने संबोधित किया।

सभा के मुख्य वक्ता के रूप में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के प्रांतीय सचिव हेमंत नंदन ओझा ने बैंक कर्मियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सचिवालयों और उच्च न्यायालयों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है। ऐसे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों पर संचालित बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग लागू न किए जाने का कोई औचित्य नहीं है और इसे हर हाल में लागू किया जाना चाहिए।

सभा में अश्वनी कुमार, विष्णु शर्मा, सुजीत कुमार, रमेश कुमार पटेल, संजीव कुमार, मनोज कुमार पांडे सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित रहे।


रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाइटेड भारत

Related Articles

Back to top button