Child Rights India: 2030 तक भारत होगा बाल विवाह मुक्त? सांसदों का बड़ा संकल्प, संसद से गांव तक चलेगा अभियान

Child Rights India: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में देशभर के सांसदों ने एक अहम पहल करते हुए वर्ष 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया। ‘एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन’ के बैनर तले आयोजित इस बैठक में विभिन्न दलों के 20 से अधिक सांसद शामिल हुए और बाल विवाह के खिलाफ ठोस रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में सांसदों ने बाल विवाह और बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते खतरे को गंभीर चुनौती बताया। इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाने के लिए शून्यकाल के उपयोग, निजी विधेयक लाने और अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर सहमति बनी। ‘एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन’ की शुरुआत 17 नवंबर 2024 को हुई थी, जिसे अब तक 38 सांसदों का समर्थन मिल चुका है। इस पहल को जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोग प्राप्त है, जो देशभर में बाल अधिकारों पर काम करने वाला एक बड़ा नेटवर्क है।

कार्यक्रम में तेलुगु देशम पार्टी के नेता लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने कहा कि बाल विवाह किसी एक दल या धर्म का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चुनौती है, जिसे सामूहिक प्रयास से ही समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने बाल विवाह रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 को और सख्त बनाने की जरूरत बताई, साथ ही विशेष अदालतों और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम की भी वकालत की।

Also Read: UP Police SI Answer Key 2026 जारी, ऐसे करें डाउनलोड

वहीं, ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए ‘बाल विवाह मुक्त भारत दिवस’ घोषित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी को मजबूत करेगा।

इस अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए देशभर में ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ भी चलाए गए, जो 28 राज्यों और सैकड़ों जिलों में जागरूकता फैला रहे हैं। यह पहल भारत को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

Written By: Kalpana Pandey

Related Articles

Back to top button