नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शेरपा की पहली बैठक, वैश्विक सहयोग पर मंथन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिक्स देशों की पहली शेरपा और सूस-शेरपा बैठक शुरू हुई। भारत की अध्यक्षता में शुरू हुई इस तीन दिवसीय बैठक में भारत के ब्रिक्स शेरपा और विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) सुधाकर दलेला ने पीएम मोदी की ‘जन-केंद्रित’ और ‘मानवता प्रथम’ दृष्टिकोण पर आधारित भारत की प्राथमिकताओं को साझा किया।

इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोगों को केंद्र में रखने तथा मानवता पहल के विजन के आधार पर भारत ब्रिक्स को आगे बढ़ाना चाहता है। बैठक में समूह के भीतर मुख्य प्राथमिकताओं, तालमेल और सहयोग पर चर्चा होगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सचिव (आर्थिक संबंध) और भारत के ब्रिक्स शेरपा सुधाकर दलेला मीटिंग में हिस्सा ले रहे हैं। चर्चा में चीन के उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू और भारत में बेलारूस गणराज्य के राजदूत एम. कास्को भी शामिल हुए। अपने भाषण में राजदूत कास्को ने बेलारूस को आमंत्रित करने के लिए भारत का धन्यवाद किया, क्योंकि ब्रिक्स पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों ने पहले ऐसी बैठक में हिस्सा नहीं लिया था।

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पोस्ट में इवेंट के बारे में अन्य जानकारी साझा करते हुए जायसवाल ने बताया कि शेरपा दलेला ने भारत की अध्यक्षता की मुख्य प्राथमिकताएं बताईं, जो ब्रिक्स के लिए प्रधानमंत्री के “पीपल-सेंट्रिक” और “ह्यूमैनिटी-फर्स्ट” अप्रोच के विजन पर आधारित हैं और “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन तथा सस्टेनेबिलिटी” की ओवरआर्चिंग थीम से जुड़ी हैं।

इस मीटिंग से इस साल के आखिर में होने वाली ब्रिक्स की कई बैठकों के लिए आधार तैयार होने की उम्मीद है, जिसमें मंत्री-स्तरीय मीटिंग्स और ब्रिक्स समिट शामिल हैं। इसका मकसद आर्थिक, विकासात्मक और वैश्विक शासन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करना भी है। खास बात यह है कि यह चौथी बार है जब भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है। भारत ने इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी यह जिम्मेदारी निभाई थी।

(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

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