CJP: CJP के आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन, ममता बनर्जी के बाद ये नेता भी आए साथ
CJP: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर तेज हुआ अभियान, ममता बनर्जी ने युवाओं और छात्रों के आंदोलन के समर्थन की बात कही
CJP: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर भी समर्थन मिलने की बात सामने आई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन के साथ खड़े होने की बात कही है। इसके अलावा महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने भी अभिजीत दीपके के आंदोलन का समर्थन किया था।
ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दिल्ली से लौटने के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में CJP, युवाओं और छात्रों के आंदोलन के समर्थन की बात कही। उन्होंने कथित ज्यादतियों को रोकने की अपील भी की। CJP के आंदोलन में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
ममता पहले भी कर चुकी हैं समर्थन का जिक्र
ममता बनर्जी का CJP के आंदोलन से समर्थन का यह पहला उल्लेख नहीं है। इससे पहले अगस्त में दिल्ली में CJP की ओर से किए गए प्रदर्शन को लेकर भी उनके समर्थन की बात सामने आई थी।
ABP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि अनिर्बाण बनर्जी ने भी दावा किया था कि पार्टी के दो सांसद CJP के आंदोलन के समर्थन में उससे जुड़े थे और ममता बनर्जी शुरुआत से ही आंदोलन के पक्ष में रही हैं।
महाराष्ट्र में भी मिला समर्थन
CJP के मुंबई आंदोलन से पहले शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने अभिजीत दीपके की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन के आह्वान का समर्थन किया था। यह समर्थन उस समय सामने आया था, जब दीपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की थी।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की ओर से मुंबई में होने वाले 2 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए धन्यवाद भी दिया था।
हालांकि, अलग-अलग नेताओं का समर्थन CJP के साथ औपचारिक राजनीतिक गठबंधन या संगठनात्मक संबंध के बराबर नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टों में समर्थन को आंदोलन के मुद्दों के संदर्भ में दर्ज किया गया है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में फिर प्रदर्शन का ऐलान
CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर अगला आंदोलन करने की घोषणा की है। अभिजीत दीपके ने कहा है कि यदि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन बताते हुए समर्थकों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
CJP के मुताबिक, यह प्रदर्शन मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर किया जा रहा है। संगठन ने अपने आंदोलन को आगे देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की बात कही है।
CJP की क्या हैं प्रमुख मांगें?
अभिजीत दीपके के अनुसार CJP की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, 2025 की मतदाता सूची को आधार बनाकर चुनाव कराने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। दीपके ने विभिन्न राज्यों में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और नए नाम जोड़े जाने के दावे किए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुंबई के बाद दिल्ली पर नजर
2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद दीपके ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकेत दिया। अब 10 अक्टूबर के प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन के जरिए संगठन अपने मुद्दों को दिल्ली तक ले जाने की तैयारी में है।
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग जारी रखी जाएगी।



