बगदाद। इराक ऑयल टैंकर अटैक, भारतीय दूतावास ने बचाई 15 भारतीयों की जान

बगदाद। इराक स्थित भारतीय दूतावास ने इराक के बसरा तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले के बाद 15 भारतीय क्रू मेंबर्स को सफलतापूर्वक बचा लिया है। भारतीय दूतावास अपने नागरिकों व स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और बचाए गए भारतीयों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रही जंग के कारण स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस बीच मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले और कथित तौर पर अमेरिकी स्वामित्व वाले कच्चे तेल के टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ पर इराक के बसरा के पास हमला हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला ईरान की एक सुसाइड बोट द्वारा किया गया था।

हालांकि इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई है। क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण इराक की राजधानी बगदाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी पहले से ही अलर्ट थे और इलाके में चल रही तमाम गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय दूतावास ने तुरंत बाकी 15 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित स्थान (संभवतः बसरा के पास एक छोटे द्वीप) पर पहुंचा दिया है।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा 11 मार्च, 2026 को मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले यूएस के क्रूड ऑयल टैंकर सेफसी विष्णु पर इराक के बसरा के पास हमला हुआ, जिसमें बदकिस्मती से एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई। बाकी 15 भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है। बगदाद में भारतीय दूतावास इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के साथ रेगुलर संपर्क में है और हर मुमकिन मदद दे रहा है। दूतावास मृतक क्रू मेंबर के परिवार वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है।

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वहीं दूसरी ओर शिपिंग महानिदेशालय (डीजीएस) ने एहतियात के तौर पर फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी को उच्च जोखिम वाला क्षेत्र घोषित किया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तौर पर भारतीय ध्वज वाले सभी जहाजों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने, अपनी स्थिति की रिपोर्टिंग बढ़ाने और ‘शिप सुरक्षा अलर्ट सिस्टम’ का परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा जीसीसी देशों में हमारे लगभग 1 करोड़ प्रवासी रहते हैं। हमारे प्रवासी समुदाय का कल्याण हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता और महत्व रखता है। प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और इजरायल सहित क्षेत्र के कई नेताओं से बात की है। विदेश मंत्री भी इन देशों के साथ-साथ ईरान के समकक्षों के साथ नियमित संपर्क में हैं।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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