Delhi: जनकपुरी गड्ढा हादसा- युवक की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति गिरफ्तार
Delhi: दिल्ली के जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर युवक कमल ध्यानी की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार किया है और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस केस में ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के कुछ अधिकारियों को भी एफआईआर में नामजद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड और उसके ठेकेदार द्वारा प्रोफेसर जोगिंदर सिंह मार्ग पर आंध्र स्कूल के पास खुदाई के दौरान बनाया गया था। आरोप है कि गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुला छोड़ दिया गया था। एफआईआर में कहा गया है कि मौके पर न तो बैरिकेड लगाए गए थे, न चेतावनी बोर्ड और न ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात था, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि संबंधित अधिकारियों को खुदाई के काम की जानकारी थी, लेकिन बुनियादी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित नहीं किए गए। मौके के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि सड़क के बीचोंबीच गड्ढा खोदने के बावजूद ट्रैफिक को पूरी तरह नहीं रोका गया था। इसी लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
इस बीच, दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च-स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पहले ही तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
बता दें कि कमल ध्यानी पालम के कैलाशपुरी में रहते थे और रोहिणी स्थित एक कॉल सेंटर में काम करते थे। गुरुवार रात ऑफिस से घर लौटते समय वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास जल बोर्ड द्वारा खोदे गए करीब 14 फीट गहरे गड्ढे में बाइक समेत गिर गए। सुबह एक महिला ने गड्ढे में बाइक और युवक को देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कमल को डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।मृतक के दोस्तों और परिजनों का दावा है कि उन्होंने रातभर छह अलग-अलग थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। कमल की परिवार से आखिरी बार रात 11:53 बजे बात हुई थी, जिसमें उन्होंने जल्द घर पहुंचने की बात कही थी। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और सुबह हादसे की जानकारी मिली।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जिस गड्ढे में हादसा हुआ, उसका काम एक दिन पहले ही शुरू हुआ था और वहां कोई पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। लोगों का कहना है कि मेट्रो निर्माण की तरह कंस्ट्रक्शन साइट को पूरी तरह कवर किया जाना चाहिए था। इस हादसे ने राजधानी में निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
Written By: Kalpana Pandey



