जितेन्द्र सिंह बबलू प्रकरण: बैकफुट पर आई BJP, अब स्क्रीनिंग टीम रखेगी बाहरियों पर नजर
लखनऊ। बसपा के पूर्व विधायक जितेन्द्र सिंह बबलू प्रकरण में बैकफुट पर आने के बाद बीजेपी आलकमान का बड़ा फैसला किया है. अब बाहरियों का इतिहास खंगाले बिना बीजेपी में किसी की ज्वाइनिंग नहीं करवायी जायेगी. इतना ही नहीं पार्टी अब इसके लिए बकायदा स्क्रीनिंग कमेटी बनायेगी. ये स्क्रीनिंग कमेटी तय करेगी कि पार्टी में शामिल होने के लिए इच्छुक लोगों का बैकग्राउंड क्या है? और पार्टी में ज्वाइनिंग करवाना है या नहीं.
सूत्रों की मानें तो 5 सदस्यीय कमेटी सदस्यता अभियान पर खास नजर रखेगी. स्क्रीनिंग कमेटी में 5 सीनियर लीडर्स होंगे, जो पार्टी की सदस्यता चाहने वाले लोगों का बायोडाटा चेक करेंगे. वैसे तो अभी तक स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों का नाम तय नहीं हुआ है लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस कमेटी में संगठन के पदाधिकारियों के साथ कुछ प्रवक्ताओं को भी शामिल किया जायेगा. ये टीम पार्टी में आने के इच्छुक लोगों का आपराधिक रिकार्ड भी देखेगी, साथ ही पार्टी के लिए विश्वनीयता भी.
जितेंद्र सिंह बबलू को BJP से निकाला गया, रीता बहुगुणा जोशी ने खुलकर किया था विरोध
आपको बता दें जिस तरीके से पिछले दिनों 4 अगस्त को बसपा से आये बीकापुर से पूर्व विधायक जितेन्द्र सिंह बबलू को पार्टी में शामिल करवाया गया. उसके बाद लगातार पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने इस पर आपत्ति जाहिर की थी. इसके अलावा बीजेपी सांसद डॉ रीता जोशी ने इस मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी आलाकमान से बात करने की बात भी कही थी. भारी दबाव और किरकिरी के चलते मात्र 6 दिनों के भीतर ही जितेन्द्र सिंह बबलू की पार्टी सदस्यता रद्द कर दी गई. इतना ही पिछले दिनों नव नियुक्त हुए युवा मोर्चा के कुछ चेहरों को लेकर भी सोशल मीडिया पर पार्टी की खूब खिचांई हुई.
पता चला है कि पार्टी आगामी चुनाव से पहले अपनी छवि को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. लिहाजा अब पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर नयी टीम गठित करने पर अंतिम फैसला हुआ है. और अब नयी टीम ही तय करेगी कि कौन की सदस्यता लेगा और कौन नहीं.



