Tourism Industry: मिडिल ईस्ट तनाव का असर कश्मीर पर्यटन पर, खाली पड़े हाउसबोट और होटल

Tourism Industry: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर साफ नजर आने लगा है। हजारों किलोमीटर दूर चल रहे युद्ध के कारण घाटी में पर्यटकों की संख्या में अचानक गिरावट आई है, जिससे स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। आमतौर पर इस मौसम में पर्यटकों से गुलजार रहने वाली श्रीनगर की डल झील के प्रसिद्ध हाउसबोट इस बार खाली दिखाई दे रहे हैं।

हाउसबोट संचालकों का कहना है कि पिछले साल इसी समय पर्यटकों की भारी भीड़ थी और कई बार ओवर-बुकिंग तक करनी पड़ती थी। लेकिन इस वर्ष हालात पूरी तरह बदल गए हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे हवाई किराया महंगा हो गया है और पर्यटक यात्रा टाल रहे हैं।

पर्यटन में गिरावट का असर होटल व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि सीमित संसाधनों के साथ काम चल रहा है, लेकिन यदि पर्यटकों की आवाजाही इसी तरह कम रही तो कारोबार चलाना मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर परिवहन क्षेत्र भी संकट से गुजर रहा है। ईंधन महंगा होने के कारण यात्री किराए में बढ़ोतरी की गई है, लेकिन पर्यटकों की कमी से टैक्सी चालकों और ट्रैवल एजेंसियों को राहत नहीं मिल पा रही है।

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आमतौर पर बसंत ऋतु के दौरान घाटी में पर्यटन अपने चरम पर होता है, मगर इस बार बाजारों और पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। पर्यटन से जुड़े संगठनों का कहना है कि इस साल अब तक बुकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है और अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र की अहम भूमिका है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां इस उद्योग के लिए नई चुनौती बनकर उभरी हैं।

Written By: Kalpana Pandey

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