National News: NCERT सिलेबस में बड़ा बदलाव: कक्षा 8 की सोशल साइंस में जोड़ा गया ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ अध्याय
NCERT ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित मामलों जैसे वास्तविक विषय शामिल किए
National News: देश की स्कूली शिक्षा में एक अहम बदलाव करते हुए National Council of Educational Research and Training (NCERT) ने सामाजिक विज्ञान के सिलेबस में संशोधन किया है। नए बदलाव के तहत कक्षा 8 की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़ा विषय शामिल किया गया है। इस कदम को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और संस्थाओं की वास्तविक चुनौतियों को समझाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है नया बदलाव?
अब तक छात्रों को न्यायपालिका की संरचना, उसकी भूमिका और अधिकारों के बारे में पढ़ाया जाता था। लेकिन नए संशोधित अध्याय में यह भी बताया जाएगा कि न्याय व्यवस्था किन चुनौतियों का सामना करती है। इसमें भ्रष्टाचार, मामलों की लंबित संख्या, जवाबदेही और न्यायाधीशों के आचरण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा शामिल की गई है।
क्यों अहम है यह कदम?
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को केवल आदर्श व्यवस्था के बारे में बताना पर्याप्त नहीं है। उन्हें यह भी समझना जरूरी है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। न्यायपालिका लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, लेकिन उस पर उठने वाले सवालों और सुधार की प्रक्रियाओं को समझना भी नागरिक शिक्षा का हिस्सा होना चाहिए।
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किताब में किन विषयों पर होगी चर्चा?
संशोधित पाठ में न्यायपालिका में पारदर्शिता, न्यायाधीशों की आचार संहिता, शिकायत तंत्र और महाभियोग जैसी संवैधानिक प्रक्रियाओं का जिक्र किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि लंबित मामलों की संख्या कैसे न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करती है और आम लोगों, खासकर कमजोर वर्गों के लिए न्याय तक पहुंच क्यों चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
शिक्षा जगत की प्रतिक्रिया
शिक्षा विशेषज्ञों के एक वर्ग ने इस बदलाव का स्वागत किया है और इसे ‘व्यावहारिक नागरिक शिक्षा’ की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है। हालांकि कुछ लोग यह भी मानते हैं कि विषय को संतुलित और संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी है, ताकि छात्रों के मन में संस्थाओं के प्रति अविश्वास न पैदा हो।
NCERT का यह बदलाव दर्शाता है कि स्कूली शिक्षा अब केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि विद्यार्थियों को लोकतंत्र की जमीनी हकीकत से भी रूबरू कराना चाहती है। ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ जैसे विषय को शामिल करना छात्रों को जागरूक, जिम्मेदार और समझदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
Written By: Anushri Yadav



