Media-students- मीडिया के छात्रों को स्वामी विवेकानंद के संचार शैली से सीखने की जरूरत : प्रभाकर सिंह
Media-students-उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में कल्याणपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की तरफ से स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर “स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में स्नातक द्वितीय सेमेस्टर के सभी छात्रों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य निर्णायक के तौर पर विश्वविद्यालय इनोवेशन फाउंडेशन से प्रभाकर सिंह उपस्थित थे। यह जानकारी सोमवार को विभागध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने दी।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य निर्णायक विश्वविद्यालय इनोवेशन फाउंडेशन से प्रभाकर सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्र के युवाओं को जागृत करने का काम किया, आज भी उनके विचारों से युवा मार्गदर्शन ले रहें हैं। मीडिया के छात्रों को स्वामी विवेकानंद के संचार शैली से सिखने की जरूरत है।
विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारिता के छात्रों में आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और नैतिक मूल्यों का संचार करना है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की महानता को विश्व मंच पर स्थापित कर भारत को गौरव दिलाया। उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, चरित्र निर्माण और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
विभाग के सहायक आचार्य डॉ ओम शंकर गुप्ता ने सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत की आत्मा और युवा शक्ति के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने स्वामी जी के प्रसिद्ध उद्घोष “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का उल्लेख किया, जिसे उन्होंने आधुनिक युग में भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक मंत्र बताया।
विभाग के सहायक आचार्या डॉ रश्मि गौतम ने सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन से सफलता प्राप्त होती है। लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण, समय का सदुपयोग तथा गुरुजनों के प्रति सम्मान व विश्वास, सफलता के मूल मंत्र हैं।
कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डॉ हरिओम कुमार ने किया, उन्होंने सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफल जीवन और आगे बढ़ने के लिए स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं, आज का दिन उनकी विरासत का सम्मान करने और उनके प्रेरणादायक विचारों को समझने के लिए है।
प्रतियोगिता में सभी छात्रों को अपने भाषण प्रस्तुत करने के लिए पांच मिनट का समय दिया गया, जिसमें भाषा शैली, विषय वस्तु एवं अनुशासन के आधार पर प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया गया। छात्रा निकिता जोशी ने प्रथम स्थान, रितिका गुप्ता ने द्वितीय स्थान एवं पायल मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तीनों छात्राओं को विभाग द्वारा सम्मानित किया गया ।
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