Expunge Rules: संसद में हटाए गए बयान, सोशल मीडिया पर बनते हैं वायरल, एक्सपंज नियम पर सवाल
Expunge Rules: संसद में असंसदीय या आपत्तिजनक टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) की परंपरा डिजिटल युग में नए सवाल खड़े कर रही है। अब लाइव प्रसारण और सोशल मीडिया के कारण हटाए गए बयान तेजी से वायरल हो जाते हैं, और राजनीतिक दल भी इसका फायदा उठाते हैं। यही वजह है कि एक्सपंज व्यवस्था की प्रभावशीलता पर बहस तेज हो गई है।
लोकसभा के हालिया सत्र में, बजट सत्र के दूसरे चरण में कई सांसदों और मंत्रियों के भाषणों की कुछ लाइनें सदन की कार्यवाही से हटाई गईं। ये निर्णय लोकसभा अध्यक्ष या आसन के अधिकार में आते हैं। पहले सदन की कार्यवाही का प्रसारण नहीं होता था, लेकिन अब टीवी और सोशल मीडिया के जरिए लाइव दिखने लगी है। इससे हटाई गई बातें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल जाती हैं। उदाहरण के लिए, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह के कुछ एक्सपंज बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।
संसद के सूत्रों के अनुसार, पहले एक्सपंज की पूरी सूची तैयार होने में कई दिन लग जाते थे, लेकिन अब सदन की कार्यवाही पूरी होने के साथ ही यह लिस्ट जारी हो जाती है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इसे रोकना चुनौतीपूर्ण है। कुछ मंत्रालय फेक न्यूज नियमों के तहत ऐसे वीडियो हटाने के उपाय अपनाते हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस नियम नहीं है।
एक्सपंज का मकसद सांसदों को चेतावनी देना और यह सुनिश्चित करना है कि वे ऐसी बातें दोबारा न दोहराएं। हालांकि डिजिटल प्लेटफॉर्म के समय में इस व्यवस्था को सिर्फ औपचारिकता मानने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में सोशल मीडिया पर हटाए गए बयान के नियंत्रण और नए नियमों की जरूरत महसूस की जा सकती है।
Written By: Kalpana Pandey



