PM Modi BJP By Election: उपचुनाव में झटके के बाद एक्टिव हुए पीएम मोदी, नीतीश-शिवराज और नितिन नवीन से की अहम बैठक
दतिया और बांकीपुर की हार के बाद बीजेपी ने शुरू किया मंथन, आगे की रणनीति पर तेज हुई चर्चा
PM Modi BJP By Election: दतिया (मध्य प्रदेश) और बांकीपुर (बिहार) विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिले झटके के बाद पार्टी नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार कई चुनावों से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर हार और दतिया में कांग्रेस की जीत ने पार्टी को रणनीतिक समीक्षा के लिए मजबूर कर दिया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ही दिन में कई अहम नेताओं से मुलाकात कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों को हालिया उपचुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर शुरू हुए मंथन से जोड़कर देखा जा रहा है।
यह सभी मुलाकातें एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद हुईं। बैठक में केंद्र सरकार की उपलब्धियों, रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और खेलों में भारत की प्रगति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि प्रधानमंत्री ने सांसदों को संबोधित नहीं किया, लेकिन इसके बाद वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी लगातार बैठकों ने राजनीतिक महत्व बढ़ा दिया।
सबसे अधिक चर्चा प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मुलाकात को लेकर हुई। संसद भवन परिसर में दोनों नेताओं के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत को कई नेताओं ने महत्वपूर्ण माना। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद प्रधानमंत्री ने नितिन नवीन का मनोबल बढ़ाने और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने की कोशिश की। नितिन नवीन लगातार पांच बार बांकीपुर से विधायक रहे थे, लेकिन भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने विधानसभा सदस्यता छोड़ दी थी, जिसके कारण वहां उपचुनाव हुआ।
बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत ने बिहार की राजनीति में नया संदेश दिया है। वर्षों तक भाजपा का मजबूत गढ़ रही इस सीट पर हार ने पार्टी के सामने संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री की नीतीश कुमार से मुलाकात को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस दौरान जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह तथा पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस की जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा की। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्य की राजनीतिक स्थिति और संगठन की आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। दतिया का परिणाम भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी इस सीट को दोबारा जीतने में सफल नहीं हो सकी।
हालिया उपचुनाव के नतीजों ने यह संकेत दिया है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा संगठन अपनी रणनीति की व्यापक समीक्षा कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार बैठकों को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी संगठन और एनडीए के सहयोगियों के बीच समन्वय बढ़ाने, स्थानीय मुद्दों पर फोकस करने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में नए फैसले सामने आ सकते हैं।



