इजरायली संसद का सर्वोच्च सम्मान PM Narendra Modi को, ‘स्पीकर ऑफ द क्नेस्सेट मेडल’ से किया गया सम्मानित
Prime Minister Narendra Modi को Israel की संसद क्नेस्सेट द्वारा “स्पीकर ऑफ द क्नेस्सेट मेडल” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान प्राप्त करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस सम्मान को इजरायल की संसद का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है और इसे उन वैश्विक नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने इजरायल के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में विशेष योगदान दिया हो।
इस अवसर को भारत और इजरायल के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। रक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, कृषि तकनीक, जल प्रबंधन और नवाचार जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों ने मिलकर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
PM Modi को इससे पहले वर्ष 2018 में फिलिस्तीन द्वारा ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ पलेस्टाइन’ से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इस तरह वह उन चुनिंदा विश्व नेताओं में शामिल हैं जिन्हें इजरायल और फिलिस्तीन दोनों की ओर से शीर्ष सम्मान प्राप्त हुआ है। इसे पश्चिम एशिया में उनकी संतुलित और सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है।
Israel के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने उन्हें “इजरायल का सच्चा मित्र” और “भारत-इजरायल गठबंधन का मजबूत समर्थक” बताया। नेतन्याहू ने अपने संबोधन में दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों और आपसी विश्वास का भी जिक्र किया, जिसे दोनों देशों की साझेदारी की आधारशिला माना जाता है।
PM Modi और इजरायली नेतृत्व के बीच हुई बातचीत में सुरक्षा सहयोग, निवेश, तकनीकी नवाचार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत और इजरायल के बीच गहराते रिश्तों का प्रतीक है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों की साझेदारी रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।



