Pratapgarh News-यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, मोदी सरकार पर करारा तमाचा – प्रमोद तिवारी
Pratapgarh News-राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने यूजीसी के नए नियमों इक्विटी रेगुलेशन–2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल प्रभाव से रोक लगाए जाने को मोदी सरकार की नीतियों पर करारा तमाचा बताया है। उन्होंने इस अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि जब तक विशेषज्ञों और विद्वानों की समिति गठित नहीं होती, तब तक यूजीसी के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
प्रमोद तिवारी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह अंग्रेजी हुकूमत की “बांटो और राज करो” नीति पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से जनता का ध्यान हटाने के लिए भाजपा जाति, धर्म, वर्ग और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांट रही है।
सांसद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार के डीएनए में अंग्रेजों का जहर समा गया है और पिछले लगभग 11 वर्षों से देश में नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान की शपथ लेकर उसी संविधान की हत्या की जा रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए “15 लाख रुपये” जैसे जुमलों के जरिए जनता को भ्रमित किया गया, ताकि असली मुद्दे भुला दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम फैसले के बाद अब प्रधानमंत्री को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में वर्ग संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि सरकार का दायित्व शांति और सौहार्द बनाए रखना होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जाति और धर्म के नाम पर आग लगाने वाली राजनीति की भाजपा को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को देश में शांति का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया और मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी का भी स्वागत किया, जिसमें केंद्र सरकार की नीति और नीयत पर सवाल उठाए गए हैं।
यह बयान गुरुवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के माध्यम से जारी किया गया।
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