Sonbhadra News-मांची में जल, जंगल, जमीन के लिए गूंजा “लाल सलाम”

Sonbhadra News-सदर विधानसभा क्षेत्र के सुदूरवर्ती मांची गांव में गुरुवार की देर शाम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और खेत मजदूर यूनियन के बैनर तले जन चौपाल आयोजित हुआ। ग्रामीणों ने जल, जंगल, जमीन और मौलिक अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और “लाल सलाम” के नारों से सभा स्थल गूंज उठा।


विस्थापन की पीड़ा अब भी जारी

  • नगवां बांध के निर्माण से विस्थापित ग्रामीण आज भी बेघर जैसे हालात में जीवन यापन कर रहे हैं।

  • विस्थापितों को जंगल की जमीन पर बसाया तो गया, परंतु आज तक मालिकाना हक नहीं दिया गया।

  • वन विभाग उस जमीन को अपनी बताकर किसानों की खेती उजाड़ रहा है, जेसीबी से फसलें नष्ट की जा रही हैं और ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

  • नौ गांवों के सैकड़ों परिवार, जिन्होंने अपनी पैतृक जमीन और घर त्याग दिए थे, अब “बंजारे” की तरह जीवन जीने को मजबूर हैं।


प्रशासन पर गंभीर सवाल

  • ग्रामीणों ने कहा कि उनके पास वोटर आईडी, राशन कार्ड, आधार कार्ड सब है, लेकिन स्थायी मकान या जमीन का कोई पता नहीं।

  • वनाधिकार कानून का क्रियान्वयन सही से नहीं हो रहा है।

  • वन विभाग द्वारा तीन पीढ़ियों का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है, जबकि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं।


नेताओं का संबोधन और चेतावनी

जन चौपाल में भाकपा के जिला सचिव कामरेड आर. के. शर्मा, सहसचिव कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा, खेत मजदूर यूनियन के नेता कामरेड चन्दन प्रसाद (पूर्व प्रधान, डोरिया)कामरेड राम जनम मौर्या ने ग्रामीणों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि विस्थापन और वनाधिकार की समस्याओं को लेकर प्रशासन तक आवाज पहुँचाई जाएगी और यदि समाधान नहीं हुआ तो लाल झंडे के नीचे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


ग्रामीणों की भागीदारी

सभा में स्थानीय ग्रामीणों कांता, सुरेश, अमरनाथ अगरिया, नंदू गुर्जर, रामराज, रामपति बिंद, नौरंग अगरिया, करमू अगरिया और नन्दू यादव ने भी अपनी बात रखी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मांची प्रधान भुनेश्वर ने की जबकि संचालन सरोज मास्टर ने किया।

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