UPI का नया रिकॉर्ड: एक साल में 240 अरब से ज़्यादा लेन-देन, रोजाना हो रहे 100 करोड़ ट्रांजेक्शन
UPI का नया रिकॉर्ड:भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में यूपीआई के ज़रिए होने वाले लेन-देन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अनुमान है कि पूरे साल में यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या 240 अरब से अधिक पहुंच जाएगी, जो पिछले साल की तुलना में करीब 30% ज्यादा है।
दैनिक लेन-देन में जबरदस्त उछाल
- इस साल औसतन 657 मिलियन (65.7 करोड़) लेन-देन रोज हुए।
- मार्च में यूपीआई ने नया इतिहास रचते हुए 800 मिलियन (80 करोड़) लेन-देन का आंकड़ा पार किया।
- औसत निकालें तो अब भारत में हर दिन 100 करोड़ से ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।
यह आँकड़े बताते हैं कि यूपीआई देश की सबसे पसंदीदा डिजिटल पेमेंट सुविधा बन चुकी है।
फिनटेक कंपनियों की मांग—MDR फिर से लागू हो
UPI के लगातार बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल पेमेंट कंपनियों ने सरकार और NPCI से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की मांग दोहराई है।
कंपनियों का कहना है कि:
- बढ़ती ट्रांजेक्शन संख्या के साथ
- सिस्टम को सुचारू रखने
- और टेक्नोलॉजी सुधारने
के लिए एक स्थायी रेवेन्यू मॉडल जरूरी है।
MDR लागू होने पर दुकानदारों से मामूली शुल्क लिया जाता है, जिससे पेमेंट कंपनियों को लंबे समय तक कमाई का साधन मिलता है।
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