West Bengal Elections: भवानीपुर और नंदीग्राम में बढ़ा सस्पेंस, हुमायूं कबीर ने बिगाड़े समीकरण
West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। खासकर भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेता हुमायूं कबीर की एंट्री ने इन दोनों सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति पैदा कर दी है।
भवानीपुर सीट, जो तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल मानी जाती है, वहां अब तक मुकाबला सीधा रहा है। लेकिन तीसरे विकल्प के आने से वोटों के बंटवारे की संभावना बढ़ गई है। यहां अल्पसंख्यक और मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जो अब तक तृणमूल के पक्ष में झुकते रहे हैं। ऐसे में यदि इन वोटों में थोड़ी भी सेंध लगती है, तो मुकाबला कड़ा हो सकता है और भाजपा को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।
वहीं नंदीग्राम में पहले से ही बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस सीट पर तृणमूल और भाजपा के अलावा वाम दल और अन्य क्षेत्रीय पार्टियां भी सक्रिय हैं। ऐसे में AJUP की मौजूदगी विपक्षी वोटों को और बांट सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह का वोट बिखराव सीधे तौर पर भाजपा को फायदा पहुंचा सकता है।
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इसी बीच मतदाता सूची में बदलाव और नामों के जुड़ने-कटने को लेकर भी हलचल तेज हो गई है, जिससे चुनाव आयोग सतर्क हो गया है। कुल मिलाकर, इस बार बंगाल का चुनाव सिर्फ दलों के बीच नहीं, बल्कि वोट गणित और जमीनी समीकरणों की जंग बनता जा रहा है।
Written By: Kalpana Pandey



