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लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- स्वास्थ्य को राजनीति का मुद्दा न बनाएं

नई दिल्ली : लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और DMK सांसदों के बीच बहस हो गई. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैं ऐसे मेडिकल कॉलेज नहीं चलाऊंगा जहां पर्याप्त सुविधाएं और बुनियादी ढांचा ना हो. एम्स मदुरै की स्थापना पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को राजनीति का मुद्दा न बनाएं. इससे पहले संसद के बाहर कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण में कुछ भी मनगढ़ंत नहीं था. उन्होंने वही कहा जो हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में था. संविधान में सदन के अंदर हमें अपनी बात रखने का अधिकार है. PM और सत्ता पक्ष के लोग भी बहुत असंसदीय बात करते हैं. ऐसा लगता है कि हम किसी नए देश में आ गए हैं.
वहीं, अधीर रंजन चौधरी द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आलोचना करनी अलग बात है. आलोचना सुनने के लिए हम तैयार हैं, लेकिन अनाप-शनाप आरोप, बेबुनियाद भाषा, निराधार आरोप बिना प्रमाणिकता के लगाना क्या सही है? केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब से संसद बनी है तब से असंसदीय भाषा को रिकॉर्ड से हटाने की परंपरा है. राहुल गांधी राष्ट्रपति भाषण पर इतना अप्रासंगिक बोल रहे थे, तब हमने कहा था आप प्रमाणित कीजिए लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि PM का भाषण सिर्फ अपनी तारीफ में था. उन्होंने हमारे एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया. बेरोजगारी, महंगाई, अडानी मुद्दा, निजीकरण पर कोई उत्तर नहीं दिया. उन्होंने कहा एक इंसान देश को बचा सकता है, वे सब पर भारी पड़ रहे हैं. उन्होंने अहंकार की बात की.

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