ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप, बोलीं- SIR के नाम पर वोटरों को बाहर किया जा रहा
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के जरिए वोटरों को बाहर करने का आरोप लगाया। मामूली गलतियों पर उत्पीड़न, मौतों और लोकतंत्र कमजोर होने का दावा।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया का इस्तेमाल रिकॉर्ड सुधार के बजाय मतदाताओं को हटाने और बाहर करने के लिए किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा है।
SIR प्रक्रिया में राजनीतिक पूर्वाग्रह का आरोप
मुख्यमंत्री ने SIR शुरू होने के बाद यह तीसरा पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर राजनीतिक पूर्वाग्रह, असंवेदनशीलता और मनमानी का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि सुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी और यांत्रिक हो गई है, जिसमें मानवीय संवेदनशीलता की भारी कमी है।
उन्होंने लिखा, “यह प्रक्रिया न तो सुधार के लिए है और न ही समावेशन के लिए, बल्कि पूरी तरह से हटाने और बाहर करने का अभ्यास बन चुकी है, जो लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे को कमजोर करती है।”
मामूली गलतियों पर उत्पीड़न और मजदूरी का नुकसान
बनर्जी ने कहा कि नाम की स्पेलिंग, उम्र में मामूली अंतर या दस्तावेज़ों में छोटी विसंगतियों के कारण आम लोगों को ज़बरदस्ती की सुनवाई झेलनी पड़ रही है। इससे उन्हें उत्पीड़न, मानसिक तनाव और रोज़गार का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नाम में मामूली बदलाव, माता-पिता और बच्चों की उम्र में 18-19 साल के अंतर जैसे छोटे मुद्दों पर कार्रवाई की जा रही है।
‘77 मौतें, आत्महत्या के प्रयास’ – गंभीर दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के कारण अब तक 77 लोगों की मौत, चार आत्महत्या के प्रयास और 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। उन्होंने इसका कारण डर, धमकी और अत्यधिक प्रशासनिक दबाव को बताया।
महिलाओं और प्रवासी मजदूरों को हो रही परेशानी
ममता बनर्जी ने शादी के बाद सरनेम बदलने वाली महिलाओं की परेशानी को “गंभीर अपमान” बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों और राज्य से बाहर रहने वाले मतदाताओं को भी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रसिद्ध हस्तियों को बुलाने पर सवाल
मुख्यमंत्री ने अमर्त्य सेन, जॉय गोस्वामी, अभिनेता व सांसद दीपक अधिकारी, क्रिकेटर मोहम्मद शमी जैसे प्रतिष्ठित लोगों को बुलाए जाने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या यह चुनाव आयोग की ओर से “सरासर गुस्ताखी” नहीं है।
सुधारात्मक कार्रवाई की मांग
पत्र के अंत में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से सुधारात्मक कदम उठाने की अपील करते हुए लिखा,
“हालांकि अब काफी देर हो चुकी है, लेकिन उम्मीद है कि आम नागरिकों की परेशानी और पीड़ा को कम करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।”



