‘मेक इन इंडिया’ से रफ्तार पकड़ रही बुलेट ट्रेन, मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर तेज़ी से लग रहे OHE मास्ट्स
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में तेज़ी से लग रहे OHE मास्ट्स। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले—‘मेक इन इंडिया’ से हाई-स्पीड रेल को मिल रही नई ताकत।
गोरखपुर। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) प्रोजेक्ट लगातार प्रगति की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) मास्ट्स लगाने का काम तेज़ी से किया जा रहा है। यह भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को सक्षम बनाने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।
रेल मंत्री ने कहा कि यह कार्य ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करता है और भारत में विश्वस्तरीय हाई-स्पीड रेल तकनीक को अपनाने का प्रमाण है। सुरक्षित, सुचारू और कुशल ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए वायडक्ट सहित प्रमुख अलाइनमेंट सेक्शनों पर OHE मास्ट्स स्थापित किए जा रहे हैं।
20 हजार से अधिक मास्ट्स होंगे स्थापित
परियोजना के तहत 9.5 मीटर से 14.5 मीटर ऊंचाई के 20,000 से अधिक OHE मास्ट्स लगाए जाएंगे। ये मास्ट्स एलिवेटेड वायडक्ट्स पर स्थापित किए जा रहे हैं और 2×25 kV ओवरहेड ट्रैक्शन पावर सिस्टम को सपोर्ट करेंगे। इसमें ओवरहेड तार, अर्थिंग सिस्टम और अन्य आवश्यक फिटिंग्स शामिल होंगी।
ट्रैक्शन पावर के लिए सबस्टेशन नेटवर्क
बुलेट ट्रेन को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरे कॉरिडोर में ट्रैक्शन सबस्टेशन (TSS) और डिस्ट्रिब्यूशन सबस्टेशन (DSS) का एक मजबूत नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इससे हाई-स्पीड ट्रेनों को स्थिर और सुरक्षित पावर सप्लाई मिलेगी।
यात्रा समय घटेगा, अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज़ और सुविधाजनक होगी। इसके साथ ही यह प्रोजेक्ट रोज़गार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा और भारतीय रेल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।



