India EU FTA : भारत-यूरोप ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के बेहद करीब, EU प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बड़ा ऐलान
India EU FTA : भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता अंतिम चरण में। EU प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-EU FTA को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया।
India EU FTA : भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) को संबोधित करते हुए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-EU FTA को “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार दिया और इसे एक ऐतिहासिक समझौता बताया।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐसे व्यापार समझौते की कगार पर हैं, जिससे करीब दो अरब लोगों का विशाल साझा बाजार बनेगा। यह संयुक्त बाजार वैश्विक GDP का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा होगा। उन्होंने यह बयान भारत यात्रा से कुछ दिन पहले दिया, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगी।
दावोस से दिल्ली तक FTA पर तेज़ होती बातचीत
WEF 2026 में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, “अभी काफी काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं। कुछ लोग इसे अब तक के सभी समझौतों की जननी कह रहे हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ-आधारित व्यापार नीतियों के कारण वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ी है।
गणतंत्र दिवस पर भारत दौरा, 27 जनवरी को बड़ा ऐलान संभव
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भी होंगे। 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU शिखर सम्मेलन में FTA वार्ता के समापन की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।
EU पहले से भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
यूरोपीय संघ पहले ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। प्रस्तावित FTA से व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन और तकनीकी सहयोग में तेज़ बढ़ोतरी की उम्मीद है।
भारत और EU के बीच FTA पर बातचीत पहली बार 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन मतभेदों के कारण 2013 में इसे रोक दिया गया। जून 2022 में बातचीत दोबारा शुरू हुई और अब यह अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग भी एजेंडे में
FTA के अलावा, दोनों पक्ष इस शिखर सम्मेलन में रक्षा ढांचागत समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक एजेंडा भी पेश कर सकते हैं। भारत और EU वर्ष 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं और यह नया एजेंडा उनके संबंधों को नई दिशा देगा।
वैश्विक भू-राजनीति पर भी EU प्रमुख का बयान
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-EU संबंध और बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक झटके यूरोप के लिए चुनौती के साथ-साथ अवसर भी हैं और यूरोप को दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों – खासतौर पर भारत और हिंद-प्रशांत के साथ आगे बढ़ना चाहिए।



