Politics : ‘इतने हिंसक हो गए थे…’ राहुल गांधी के ‘गद्दार’ ताने पर रवनीत सिंह बिट्टू का पलटवार
Politics : संसद में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच ‘गद्दार’ टिप्पणी को लेकर तीखा टकराव। बिट्टू का आरोप – राहुल गांधी हिंसक हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें।
Politics : संसद के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटना बुधवार सुबह नई संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार **मकर द्वार** के पास हुई, जब राहुल गांधी ने कथित तौर पर बिट्टू को “गद्दार” कह दिया।
रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। अमृतसर में मीडिया से बातचीत करते हुए बिट्टू ने दावा किया कि राहुल गांधी ने अपना आपा खो दिया था और आक्रामक तरीके से उनकी ओर बढ़े।
‘उनके अंदर का गुब्बारा फट गया’ – बिट्टू
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, “उनके (राहुल गांधी) अंदर का गुब्बारा फट गया। इतने बड़े परिवार से आने वाला व्यक्ति ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहा था। उन्हें लगता है कि वह ‘शहंशाह’ हैं।”
बिट्टू ने साफ किया कि उन्होंने कांग्रेस को बीच में नहीं छोड़ा, बल्कि कांग्रेस सांसद के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल पूरा करने के बाद ही बीजेपी जॉइन की।
‘इतने हिंसक हो गए थे कि…’
बिट्टू ने आरोप लगाया कि जब वह संसद में प्रवेश कर रहे थे, तभी राहुल गांधी उनकी ओर तेजी से बढ़े। उन्होंने कहा, “गांधी इतने हिंसक हो गए थे कि उन्हें कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पकड़ रखा था। पता नहीं उन्हें क्या हो गया था, यह तो भगवान ही जानता है।”
‘गद्दार’ पर ‘देश का दुश्मन’ जवाब
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने बिट्टू को “गद्दार” कहा, जिसके जवाब में बिट्टू ने उन्हें “देश का दुश्मन” कह दिया। उस वक्त राहुल गांधी संसद के बाहर निलंबित कांग्रेस सांसदों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या पंजाब के सांसदों की थी।
कांग्रेस नेतृत्व पर भी उठाए सवाल
रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने बाहर से आए नेताओं को बड़े पद दिए, चाहे वह अमरिंदर सिंह हों या नवजोत सिंह सिद्धू।
इसके साथ ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस नेताओं – अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, सुखजिंदर रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी पर भी निशाना साधा।
बेअंत सिंह को भारत रत्न न मिलने पर नाराज़गी
बिट्टू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके दादा और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को भारत रत्न नहीं दिया, जबकि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को यह सम्मान दिया गया। बेअंत सिंह की 1995 में आतंकवादी हमले में हत्या कर दी गई थी।



