कोर्ट में लड़े जा रहे चुनाव? चार चुनावी राज्यों के केस CJI की टिप्पणी को दे रहे मजबूती
चुनावी विवादों पर CJI की बड़ी टिप्पणी, असम, बंगाल, केरल और तमिलनाडु से जुड़े केस सुप्रीम कोर्ट पहुँचे, क्या कोर्ट में लड़े जा रहे हैं चुनाव?
नई दिल्ली। देश में चुनावी विवादों का अदालतों तक पहुँचना कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के महीनों में यह ट्रेंड और तेज़ होता दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट में लगातार चुनावी राज्यों से जुड़ी याचिकाएं दाखिल हो रही हैं, जिस पर अब मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने भी खुलकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि “चुनावों का एक हिस्सा अब अदालतों में लड़ा जाने लगा है।”
असम CM के वीडियो से शुरू हुई ताज़ा बहस
CJI की यह टिप्पणी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक विवादित वीडियो के सुप्रीम कोर्ट पहुँचने के बाद आई। 2026 में होने वाले असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी से जुड़े एक वीडियो में कथित तौर पर एक समुदाय को निशाना बनाए जाने का आरोप लगा। विवाद बढ़ने पर वीडियो हटा लिया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसकी मंशा पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई राजनीतिक याचिकाओं पर चिंता
CPI और CPM नेताओं की ओर से दाखिल याचिका पर CJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारी की बेंच ने सुनवाई की अनुमति दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ऐसी याचिकाएं अक्सर चुनावी मौसम में ही सामने आती हैं। कोर्ट ने कहा कि वह इस प्रवृत्ति पर विचार करेगा।
चार चुनावी राज्यों से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे मामले
असम के अलावा पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु से जुड़े विवाद भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, जिससे CJI की टिप्पणी को और बल मिला है।
पश्चिम बंगाल: SIR विवाद
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद सुप्रीम कोर्ट में दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने साफ कहा कि SIR प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अंतिम फैसला मतदाता सूची अधिकारी ही लेंगे।
केरल: सबरीमाला सोना चोरी मामला
सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोना चोरी केस में SIT जांच जारी है। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और यह विवाद चुनाव से पहले राजनीतिक मुद्दा बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी की जमानत भी खारिज कर दी है।
तमिलनाडु: कार्तिगई दीपम विवाद
तमिलनाडु के दीपम विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। मामला धार्मिक आस्था, कानून व्यवस्था और राजनीति के टकराव का प्रतीक बन गया है।
चुनाव और न्यायपालिका के बीच बढ़ता टकराव
लगातार आ रहे इन मामलों से यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या चुनावी लड़ाइयाँ अब अदालतों में लड़ी जा रही हैं। CJI की टिप्पणी इसी बढ़ती प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है, जिस पर आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट का रुख अहम माना जा रहा है।



