सीएम योगी के बयान पर सियासी घमासान, अखिलेश यादव का पलटवार – डर बढ़ा तो सांप्रदायिक राजनीति तेज
Lucknow News. सीएम योगी के बाबरी बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले—डर बढ़ने पर भाजपा करती है सांप्रदायिक राजनीति, यूपी सियासत गरमाई।
Lucknow News. उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। बाराबंकी में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा और जो लोग “कयामत के दिन” का सपना देख रहे हैं, वह दिन आने वाला नहीं है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार जो कहती है, वही करके दिखाती है और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण इसका उदाहरण है।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में कानून व्यवस्था पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि देश में कायदे से रहना सीखना होगा और कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था ही देश की प्रगति की आधारशिला है।
सीएम योगी के इस बयान पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब भाजपा को सत्ता जाने का डर सताने लगता है, तब वह कम्युनल राजनीति का सहारा लेती है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें उर्दू भाषा से आपत्ति है, वे ‘कयामत’ जैसे उर्दू शब्दों का इस्तेमाल न करें।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का डर जितना बढ़ता है, उसकी राजनीति उतनी ही ज्यादा सांप्रदायिक होती जाती है। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे बयानों को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। इस बयानबाजी के बाद यूपी की सियासत में टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।



