National News: भारत-वियतनाम रिश्तों को नई उड़ान! राष्ट्रपति टो लाम और पीएम मोदी की अहम मुलाकात
Narendra Modi और To Lam के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हुई अहम चर्चा, रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर
National News: भारत और वियतनाम के रिश्तों को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात बुधवार को राजधानी दिल्ली में हुई, जब वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से हैदराबाद हाउस में भेंट की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस उच्चस्तरीय मुलाकात से पहले राष्ट्रपति टो लाम का Rashtrapati Bhavan में औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने भारत और वियतनाम के झंडे लहराकर इस ऐतिहासिक क्षण को और खास बना दिया।
रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
भारत और वियतनाम के बीच संबंधों को “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा 2016 में मिला था, जब प्रधानमंत्री मोदी ने वियतनाम का दौरा किया था। इस वर्ष इस साझेदारी के 10 साल पूरे हो रहे हैं, ऐसे में टो लाम की यह यात्रा खास महत्व रखती है। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
सुरक्षा और कूटनीति पर चर्चा
इस दौरे के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने भी राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बातचीत भविष्य में रणनीतिक तालमेल को और गहरा करेगी।
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बोधगया से दिल्ली तक का सफर
भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति टो लाम ने बिहार के बोधगया स्थित Mahabodhi Temple में पूजा-अर्चना भी की, जो भारत और वियतनाम के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को दर्शाता है। इसके बाद दिल्ली पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया।
आर्थिक और व्यापारिक सहयोग
अपने दौरे के अगले चरण में राष्ट्रपति टो लाम मुंबई जाएंगे, जहां वे National Stock Exchange of India का दौरा करेंगे और एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होने की संभावना है।
रिश्तों को मिलेगी नई गति
विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह यात्रा भारत-वियतनाम संबंधों को नई ऊर्जा देगी। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक साझेदारी के आधार पर दोनों देश भविष्य में और मजबूत सहयोग की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति टो लाम की यह भारत यात्रा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका को भी और सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
Written By: Anushri Yadav



