Ashutosh Rana on Kangana Ranaut: कंगना के ‘गटरछाप’ बयान पर आशुतोष राणा की दो टूक, बोले- भाषा ही दिलाती है सम्मान और सजा
विवादित टिप्पणी के बीच अभिनेता आशुतोष राणा ने भाषा की मर्यादा पर दिया बड़ा संदेश, बोले- बोले गए शब्दों का असर हमेशा रहता है
Ashutosh Rana on Kangana Ranaut: कंगना रनौत के हालिया ‘गटरछाप’ बयान को लेकर जारी विवाद के बीच अभिनेता आशुतोष राणा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना भाषा की मर्यादा और शब्दों की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि इंसान की पहचान उसके व्यवहार और उसकी भाषा से होती है। उनके इस बयान को कंगना रनौत की टिप्पणी पर अप्रत्यक्ष जवाब माना जा रहा है।
दरअसल, हाल ही में छात्र आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इसी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर युवा पीढ़ी को ‘गटरछाप’ कह दिया था। इसके बाद उनका बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे अनुचित बताया, जबकि कुछ ने उनका समर्थन भी किया।
अब इस पूरे विवाद पर अभिनेता आशुतोष राणा ने अपनी राय रखते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके शब्दों से होती है। उन्होंने कहा कि जैसे शेर अपनी दहाड़, हाथी अपनी चिंघाड़ और कुत्ता अपनी भौंक से पहचाना जाता है, उसी तरह इंसान की पहचान उसकी भाषा और बोलचाल से होती है।
आशुतोष राणा ने कहा कि “शब्द ही हमें सम्मान दिलाते हैं और वही हमारे अपमान का कारण भी बनते हैं। भाषा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। हमारे यहां कहा जाता है कि बातों से ही हाथी की सवारी का सम्मान मिलता है और उन्हीं बातों के कारण उसके पैरों तले कुचले जाने का दंड भी मिलता है।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी साझा किया जा रहा है।
कंगना रनौत का विवादित बयान उस समय सामने आया था जब उन्होंने छात्र आंदोलन में शामिल कुछ युवाओं के व्यवहार की आलोचना करते हुए पूरी युवा पीढ़ी के लिए ‘गटरछाप’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसके अलावा उन्होंने हिंदू लड़कियों और प्रदर्शन में शामिल अन्य समुदायों को लेकर भी टिप्पणी की थी, जिस पर विवाद और बढ़ गया।
इससे पहले अभिनेता सोनू सूद भी कंगना रनौत की टिप्पणी पर असहमति जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि किसी एक घटना के आधार पर पूरी पीढ़ी को गलत ठहराना उचित नहीं है। वहीं सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कर रहे हैं।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही थी। इसके बाद एक छात्रा ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। हालांकि कंगना रनौत ने इस मामले पर अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी जारी रखी और कहा कि युवाओं को भड़काने वाली ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है।
फिलहाल कंगना रनौत और आशुतोष राणा के बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक ओर जहां कुछ लोग कंगना के बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग आशुतोष राणा के भाषा और संयम वाले संदेश को अधिक संतुलित और सकारात्मक बता रहे हैं।



