Ram Mandir Donation Case : राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT ने 8 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की 60 हजार पन्नों की चार्जशीट

Ram Mandir Donation Case : अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी केस में SIT ने 8 आरोपियों के खिलाफ 60 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। जांच में कैश से जुड़े 105 मामलों और ₹79.85 लाख की बरामदगी का उल्लेख है।

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Ram Mandir Donation Case : अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदे और दान की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने बुधवार को आठ आरोपियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, चार्जशीट और उसके साथ लगाए गए दस्तावेजों की कुल संख्या करीब 60 हजार पन्नों की है।

SIT ने जांच के दौरान नकद दान की गिनती, उसके बैंक तक पहुंचने, मंदिर में मिले कीमती दान और आरोपियों के वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित SIT का नेतृत्व लखनऊ रेंज के IG किरण एस. कर रहे हैं।

मंदिर परिसर में कैश से जुड़े 105 मामले

जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, SIT को मंदिर परिसर में दान की रकम की गिनती के दौरान 105 ऐसे मामलों के साक्ष्य मिले, जिनमें कैश को कथित तौर पर बिना अनुमति हटाने या छिपाने की बात सामने आई।

हालांकि, जांचकर्ताओं को मंदिर से बैंक तक रकम ले जाने के दौरान कीमती दान या नकदी की चोरी का कोई सबूत नहीं मिला है।

8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

इस मामले में 26 जून को आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रमा शंकर मिश्रा और करुणेश पांडेय शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आठ लोगों से करीब ₹79.85 लाख बरामद किए गए। जांच एजेंसी ने दावा किया कि यह रकम बाथरूम, भूसे के ढेर और उपलों जैसी जगहों से बरामद हुई।

तीन स्तरों पर हुई जांच

SIT ने मामले की जांच को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में आगे बढ़ाया।

पहला चरण: मंदिर के दानपात्रों और काउंटरों से मिलने वाली नकदी की गिनती, छंटाई और बैंक में जमा करने के लिए तैयार किए जाने की प्रक्रिया की जांच की गई। इसके लिए CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, दान के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल की गई।

दूसरा चरण: मंदिर से बैंक तक गिनी और अलग की गई नकदी की आवाजाही की जांच की गई। बैंक रिकॉर्ड, जमा दस्तावेजों और कैश मूवमेंट की जांच के बाद SIT को इस चरण में रकम की हेराफेरी का सबूत नहीं मिला।

तीसरा चरण: कीमती दान की जांच की गई। SIT ने मंदिर ट्रस्ट के सॉफ्टवेयर में रसीद के साथ दर्ज 803 कीमती वस्तुओं का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों के मुताबिक रिकॉर्ड से मिलान करने पर इनमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली।

इसके अलावा 86 ऐसी कीमती वस्तुओं की भी अलग से जांच की गई, जिनकी रसीद उपलब्ध नहीं थी। SIT ने यह पता लगाने के लिए उनका भौतिक सत्यापन किया कि रसीद का न होना किसी दान के गायब या बिना हिसाब के होने से जुड़ा है या नहीं।

चांदी के दान की भी जांच

SIT ने दान में मिली चांदी से जुड़े मामलों की भी जांच की। इसमें 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें और 38.288 किलोग्राम की एक अन्य खेप के अलावा चांदी का हार, चरण पादुका और रामचरितमानस की प्रति शामिल थी।

जांच एजेंसी ने करीब 944.411 किलोग्राम चांदी का भी सत्यापन किया, जिसे पिघलाने के लिए Security Printing and Minting Corporation of India Limited (SPMCIL) भेजा गया था।

आरोपियों की संपत्ति और बैंक खातों की जांच

SIT ने आरोपियों के बैंक खातों, जमा और निकासी के साथ-साथ अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की। इसके अलावा उनकी संपत्तियों, वाहनों, आभूषणों, निर्माण पर हुए खर्च और अन्य परिसंपत्तियों की जानकारी जुटाई गई।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, चार्जशीट में इन जानकारियों को शामिल किया गया है ताकि कथित वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी सामने आ सके और यह देखा जा सके कि आरोपियों की संपत्ति और खर्च उनकी ज्ञात आय के स्रोतों के अनुरूप हैं या नहीं।

वित्तीय जांच को एक अलग फॉरेंसिक ऑडिट से भी सहयोग मिला।

SIT ने 173 गवाहों के बयान दर्ज किए

जांच के दौरान SIT ने कुल 173 गवाहों से पूछताछ की। इनमें मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, दान की रकम की गिनती में शामिल कर्मचारी, बैंक अधिकारी, सुरक्षा कर्मी, CCTV ऑपरेटर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वेंडर शामिल हैं।

SIT ने CCTV फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड, दान और बैंकिंग दस्तावेज, बरामदगी से जुड़े साक्ष्य, संपत्ति रिकॉर्ड और फॉरेंसिक सामग्री की भी जांच की। अधिकारियों के मुताबिक इन सभी साक्ष्यों के आधार पर कथित लेनदेन और घटनाक्रम की कड़ी तैयार की गई है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी।

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