Independence Day 2026 : अगर 2019 में बदलाव न हुआ होता तो PoK के लोग J&K में शामिल होने की मांग करते : उमर अब्दुल्ला

Independence Day 2026 : स्वतंत्रता दिवस पर CM उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि 2019 में बदलाव न हुआ होता तो PoK के लोग J&K में शामिल होने की मांग कर सकते थे।

Independence Day 2026 : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर की विशेष संवैधानिक स्थिति में बदलाव नहीं किया होता और राज्य का दर्जा समाप्त नहीं किया होता, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) के लोग भारत के जम्मू-कश्मीर में शामिल होने की मांग कर सकते थे।

श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगा फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने LoC के उस पार के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि PoK में जारी घटनाएं दर्द, दुख और चिंता पैदा करती हैं।

‘PoK के लोग हमसे फिर जुड़ने के लिए प्रदर्शन करते’

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर 2019 में जम्मू-कश्मीर की परिस्थितियों में बदलाव नहीं किया गया होता, तो संभव है कि PoK के लोग आज जम्मू-कश्मीर के साथ दोबारा जुड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे होते।

उन्होंने कहा कि LoC के उस पार रहने वाले लोगों को जम्मू-कश्मीर अपना मानता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में PoK के लिए सीटें आरक्षित हैं और उम्मीद है कि भविष्य में वहां के लोग इन सीटों का इस्तेमाल कर सकेंगे।

‘हमलावर खबरदार, हम कश्मीरी हैं तैयार’

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक और अपने दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1947 में पाकिस्तानी हमलावरों के खिलाफ लड़ने का उनके पूर्वजों और उनके साथियों का फैसला सही था।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सीमा पार के मौजूदा हालात को देखकर उन्हें उस दौर की याद आती है, जब कश्मीरियों ने हमलावरों के खिलाफ संघर्ष किया था।

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई

मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ है और उनके अधिकारों तथा संवैधानिक गारंटियों की बहाली के लिए प्रयास करती रहेगी।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर को उस स्तर तक ले जाने के लिए काम करेगी, जिसकी कल्पना स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश के लिए संघर्ष और बलिदान देने वालों ने की थी।

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