Independence Day 2026 : लाल किले से फिर गायब राहुल गांधी-खड़गे, आखिर क्यों बनाई स्वतंत्रता दिवस से दूरी

Independence Day 2026 : राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने लगातार दूसरी बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह से दूरी बनाई। 2024 के सीटिंग विवाद के बाद फिर प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठे।

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Independence Day 2026 : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया, लेकिन कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेता समारोह से नदारद रहे।

यह लगातार दूसरा साल है जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे स्वतंत्रता दिवस के इस प्रमुख सरकारी समारोह में शामिल नहीं हुए हैं। इस बार उनकी गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया, लेकिन इसकी कड़ी 2024 के सीटिंग विवाद से जोड़ी जा रही है।

2024 में पांचवीं पंक्ति में बैठे थे राहुल गांधी

2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी को पारंपरिक रूप से आगे की पंक्ति में बैठाने के बजाय पांचवीं पंक्ति में जगह दी गई थी। उस समय वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष थे और कांग्रेस ने इसे प्रोटोकॉल के विपरीत बताया था।

रिपोर्टों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने उस समय बताया था कि ओलंपिक पदक विजेताओं को आगे की पंक्तियों में जगह देने के लिए सीटिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया था।

इसके बाद से ही आधिकारिक समारोहों में सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच विवाद सामने आता रहा है।

इस बार भी प्रोटोकॉल को लेकर सवाल

रिपोर्टों के अनुसार, राहुल गांधी और खड़गे की इस बार की गैरमौजूदगी को भी सीटिंग और प्रोटोकॉल से जुड़ी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस पहले भी आरोप लगाती रही है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सरकारी कार्यक्रमों में उचित स्थान नहीं दिया जाता। पार्टी की ओर से यह दावा भी किया गया था कि गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल गांधी और खड़गे को तीसरी पंक्ति में बैठाया गया था।

हालांकि, सरकारी कार्यक्रमों में सीटिंग व्यवस्था आमतौर पर Table of Precedence के आधार पर तय होती है, जिसमें पद और संवैधानिक हैसियत के अनुसार स्थान निर्धारित किया जाता है।

LoP की रैंकिंग क्या है?

गृह मंत्रालय की आधिकारिक Table of Precedence के मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष को सातवें क्रम में रखा गया है। इसी स्तर पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कुछ अन्य संवैधानिक पदों को भी स्थान दिया गया है।

इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में किसी नेता की सीट को लेकर विवाद केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं, बल्कि आधिकारिक प्रोटोकॉल और आयोजन की व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है।

BJP ने राहुल-खड़गे पर साधा निशाना

राहुल गांधी और खड़गे की गैरमौजूदगी पर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को कांग्रेस नेताओं से जोड़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी समारोह से दूरी बनाने को ‘बचकाना’ कदम बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय समारोह में विपक्ष के नेताओं को शामिल होना चाहिए।

कांग्रेस ने PM मोदी के बयान पर किया पलटवार

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पहले अपने विरोधियों को ‘अर्बन नक्सल’ कहते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस तरह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वतंत्रता दिवस समारोह से लगातार दूसरी बार गैरमौजूदगी ने एक बार फिर कांग्रेस बनाम बीजेपी की राजनीतिक खींचतान और सरकारी कार्यक्रमों के प्रोटोकॉल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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