Jharkhand Protest : झारखंड में भर्ती परीक्षा के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, हेमंत सोरेन-राहुल गांधी के पुतले फूंके
Jharkhand Protest : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी रहा। रांची में हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले फूंके गए। 17 अगस्त को सरकार से बातचीत होगी।

Jharkhand Protest : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके। छात्रों ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला। इसके बाद वहां तीनों नेताओं के पुतले जलाए गए। प्रदर्शनकारियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का भी ऐलान किया है।
17 अगस्त को सरकार से फिर होगी बातचीत
लगातार चल रहे आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने छात्रों को बातचीत के लिए 17 अगस्त को आमंत्रित किया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। छात्रों के मुताबिक, बातचीत में उनके कानूनी सलाहकार भी मौजूद रहेंगे।
इससे पहले छात्रों ने कांग्रेस से सत्तारूढ़ गठबंधन से समर्थन वापस लेने की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रहे हैं।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान एक छात्र ने अपना सिर मुंडवाकर हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से शोक जताया। उसने दोनों नेताओं पर परिवारवाद की राजनीति करने और छात्रों के मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए करने का आरोप लगाया। हालांकि, राहुल गांधी ने इससे पहले छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए झारखंड सरकार से उनकी मांगों को सुनने की अपील की थी।
JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर क्या हैं छात्रों की मांगें?
JPSC-JSSC Reforms Manch के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में छात्रों ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना।
- सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराना।
- जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना।
- अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई।
- व्हिसलब्लोअर संतोष कुमार मस्ताना का निलंबन वापस लेना।
- उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना।
- जिन परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं, उन्हें रद्द करना।
- भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराना।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल कुछ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भर्ती तंत्र की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा है।
20 अगस्त को सीएम आवास घेराव का ऐलान
छात्र संगठनों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का आह्वान किया है। उन्होंने झारखंड के छात्रों से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।
हेमंत सोरेन ने भर्ती व्यवस्था में सुधार का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के भरोसे पर पड़े असर को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा था कि मामलों की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, तकनीक आधारित सुरक्षित परीक्षाएं, समय पर आंसर की और OMR शीट जारी करने तथा बहुस्तरीय जवाबदेही जैसे उपायों की घोषणा की है।
सरकार ने छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और अभिभावकों से परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव लेने के लिए ‘Students’ Voice with Students’’ अभियान भी शुरू किया है।
कांग्रेस ने भी 18 अगस्त को बैठक बुलाई
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि 18 अगस्त को प्रदेश कांग्रेस की बैठक होगी। इसमें JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में सुधार के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए छात्रों की आवाज उठाई जाएगी।



