Tarun Tejpal Rape Case : रेप केस में तरुण तेजपाल की और बढ़ेंगी मुश्किलें, अब गोवा सरकार सजा बढ़ाने के लिए पहुंची सुप्रीम कोर्ट
Tarun Tejpal Rape Case : 2013 रेप केस में तरुण तेजपाल की 10 साल की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर गोवा सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का बरी करने का फैसला पलटा था।

Tarun Tejpal Rape Case : गोवा सरकार ने 2013 के रेप केस में पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील की है, जिसमें तेजपाल को 10 साल की सजा सुनाई गई थी।
इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने इसी महीने 2022 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई बरी किए जाने की राहत को पलट दिया था। हाईकोर्ट ने तेजपाल को एक जूनियर महिला सहकर्मी के साथ 2013 में यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट ने पलटा
बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की पीठ ने ट्रायल कोर्ट के साक्ष्यों के आकलन को अनुचित बताते हुए कहा था कि फैसले में गंभीर कमियां थीं। हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट द्वारा गवाही और साक्ष्यों का मूल्यांकन रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के अनुरूप नहीं था।
मामला नवंबर 2013 में गोवा के एक पांच सितारा होटल में आयोजित ThinkFest सम्मेलन के दौरान हुई कथित घटना से जुड़ा है।
तेजपाल को 10 साल की सजा
हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। इनमें रेप के लिए धारा 376(2)(f), महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से बल प्रयोग के लिए धारा 354, यौन उत्पीड़न के लिए धारा 354A और महिला को निर्वस्त्र करने के प्रयास से जुड़ी धारा 354B शामिल हैं।
रेप के मामले में उन्हें 10 साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अन्य धाराओं के तहत भी अलग-अलग सजा और जुर्माना लगाया गया।
तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी
हाईकोर्ट के फैसले के बाद तरुण तेजपाल ने फैसले को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही थी। उन्होंने खुद को राजनीतिक पीड़ित बताते हुए कहा था कि वह पिछले कई वर्षों से सरकारी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
तेजपाल ने अपनी उम्र 62 वर्ष होने का हवाला देते हुए अदालत से राहत की मांग भी की थी।
बेटी ने भी फैसले का किया विरोध
तरुण तेजपाल की बेटी कारा तेजपाल ने भी अपने पिता की सजा का विरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता को तहलका की खोजी पत्रकारिता के कारण निशाना बनाया गया और मामले का इस्तेमाल उन्हें चुप कराने के लिए किया गया।
हालांकि, मामले में अदालत द्वारा दर्ज निष्कर्ष और दोनों पक्षों की कानूनी दलीलें अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचार का विषय होंगी।
क्या है 2013 का मामला?
शिकायतकर्ता जूनियर महिला सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि 7 नवंबर 2013 को तरुण तेजपाल ने उसके साथ रेप किया और अगले दिन फिर से यौन हमला करने का प्रयास किया। आरोप सामने आने के बाद तेजपाल ने तहलका के संपादक पद से इस्तीफा दे दिया था।



