Rajya Sabha Polls 2026: यूपी की 10 राज्यसभा सीटों का गणित, BJP की नजर 8वीं सीट पर, सपा के पास कितने वोट?
Rajya Sabha Polls 2026: विधानसभा के मौजूदा संख्याबल में BJP को बढ़त, लेकिन अतिरिक्त उम्मीदवार उतरे तो 10वीं सीट पर बदल सकते हैं सियासी समीकरण।
Rajya Sabha Polls 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद सभी दल अपने-अपने संख्याबल और रणनीति का आकलन करने में जुट गए हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीटों का गणित चर्चा का विषय बना हुआ है।
किसके खाते में जा सकती हैं कितनी सीटें?
विधानसभा में मौजूदा स्थिति के अनुसार बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास बहुमत है। राजनीतिक गणित के आधार पर BJP खेमा सात सीटें आसानी से जीत सकता है, जबकि सपा और उसके सहयोगियों के लिए दो सीटें सुरक्षित मानी जा रही हैं। इसके बाद एक सीट ऐसी है जिस पर मुकाबला रोचक हो सकता है।
हालांकि यह स्थिति तब बनी रहेगी जब चुनाव में उतने ही उम्मीदवार मैदान में उतरें जितनी सीटों पर जीत की संभावना है। यदि किसी दल ने अतिरिक्त उम्मीदवार उतार दिया, तो समीकरण बदल सकते हैं।
विधानसभा का मौजूदा संख्याबल
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के 257 विधायक हैं। इसके अलावा उसके सहयोगी दलों और समर्थक विधायकों को जोड़ने पर संख्या 295 तक पहुंचती है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के पास 101 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के दो विधायक भी विपक्षी खेमे के साथ माने जाते हैं।
इसी आधार पर राज्यसभा चुनाव का गणित तैयार किया जा रहा है। एक उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 37 वोटों की जरूरत होगी।
BJP की नजर 8वीं सीट पर
राजनीतिक आंकड़ों के अनुसार BJP गठबंधन सात सीटें आराम से निकाल सकता है। सात उम्मीदवारों को जिताने के बाद उसके पास लगभग 36 वोट बचते हैं। जबकि एक और उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए करीब 37 वोटों की जरूरत होगी।
यानी 8वीं सीट के लिए बीजेपी को अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग और विधायकों के रुख को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सपा के पास भी बचेंगे अतिरिक्त वोट
सपा और कांग्रेस के संयुक्त आंकड़ों को देखें तो दो सीटों पर जीत के बाद विपक्षी खेमे के पास भी कुछ वोट बचते हैं। यही वजह है कि अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाने की स्थिति में चुनाव रोचक हो सकता है।
हालांकि विपक्ष के सामने एक चुनौती यह भी है कि पिछले राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग मतदान किया था। ऐसे में इस बार भी सभी दल अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश करेंगे।
2024 के चुनाव की यादें फिर ताजा
राज्यसभा चुनाव का ऐलान होते ही 2024 के चुनाव की चर्चा फिर शुरू हो गई है। उस समय क्रॉस वोटिंग और बागी रुख ने चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया था। इस बार भी राजनीतिक दल किसी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
मुकाबले पर टिकी रहेगी नजर
यदि 10 सीटों के लिए केवल 10 उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं। लेकिन अगर किसी दल ने अतिरिक्त उम्मीदवार उतारकर मुकाबला बढ़ाया, तो विधायकों के रुख और राजनीतिक रणनीति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी।
फिलहाल राज्यसभा चुनाव का गणित BJP को बढ़त देता नजर आ रहा है, जबकि सपा अपने वोट बैंक को पूरी तरह सुरक्षित रखने पर फोकस कर रही है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ यूपी की राजनीति और गर्म होने की संभावना है।



