UP Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा के तीसरे उम्मीदवार पर अखिलेश ने खोले पत्ते, बोले- संख्या पूरी होते ही होगा ऐलान
UP Rajya Sabha Election 2026: अखिलेश यादव ने कहा- जरूरी संख्या पूरी होते ही सामने आएगा तीसरा नाम
UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। समाजवादी पार्टी ने बुधवार को अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के साथ ही चुनावी रणनीति का एक हिस्सा साफ कर दिया। पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और उद्योग जगत से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाया गया है। दोनों ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया।
हालांकि, सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा अभी नहीं की गई है। पार्टी ने इससे पहले तीन प्रत्याशी उतारने के संकेत दिए थे। ऐसे में अब सबसे ज्यादा नजर इसी बात पर है कि तीसरा उम्मीदवार कौन होगा और सपा उसका नाम कब सार्वजनिक करेगी।
अखिलेश बोले- संख्या पूरी होने पर सामने आएगा तीसरा नाम
तीसरे प्रत्याशी को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे ही संख्या पूरी हो जाएगी, तीसरे उम्मीदवार का भी ऐलान कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर चल रही अटकलों को और बल मिला है।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने के लिए केवल नामांकन करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि चुनावी गणित में जरूरी समर्थन भी अहम होता है। इसी वजह से अखिलेश यादव का ‘संख्या पूरी होने’ वाला बयान सपा की आगे की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में भी तीसरे उम्मीदवार के लिए समर्थन जुटाने और संभावित नामों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आई हैं।
दो नामों की चर्चा, लेकिन पार्टी ने नहीं लगाई मुहर
सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर फिलहाल कई नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी और आलोक रंजन के नाम का भी उल्लेख मीडिया रिपोर्टों में किया गया है। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अभी तक इनमें से किसी नाम को आधिकारिक तौर पर अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
आलोक रंजन को वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी सपा ने उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में पार्टी के कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार तीसरे प्रत्याशी के चयन को लेकर पार्टी के फैसले पर विशेष नजर बनी हुई है।
धनराज नथवानी के नाम से भी चौंकाया
सपा ने अपने दूसरे उम्मीदवार के तौर पर धनराज परिमल नथवानी का नाम सामने रखकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा पैदा की। वह कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े हैं और रिलायंस समूह में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद से जुड़े रहे हैं। उनके नामांकन के बाद सपा की रणनीति को लेकर अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं शुरू हुईं।
अखिलेश यादव ने नथवानी को प्रत्याशी बनाए जाने के सवाल पर उद्योग और निवेश से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने समाजवाद तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों को समझने की जरूरत बताते हुए कहा कि देश और प्रदेश में समृद्धि के लिए उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है।
उद्योग जगत से जुड़ाव को लेकर अखिलेश की दलील
अखिलेश यादव के मुताबिक प्रदेश में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कारोबार बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।
धनराज नथवानी की उम्मीदवारी को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनके चयन को लेकर जो आधिकारिक तर्क सामने आया है, उसमें उद्योग और निवेश के क्षेत्र से जुड़ाव को प्रमुखता दी गई है।
16 अक्टूबर को प्रस्तावित है मतदान
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। राज्य की 10 सीटों के चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। सपा ने अपने दो उम्मीदवारों का नाम और नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि तीसरे उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है।
तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा के साथ ही सपा की ओर से चुनाव में अपनाए जाने वाले अगले कदम भी स्पष्ट हो सकते हैं। फिलहाल पार्टी अध्यक्ष के बयान के बाद यह साफ है कि तीसरे नाम की घोषणा समर्थन और संख्या के समीकरण से जोड़कर की जा रही है।
2027 के गठबंधन पर अखिलेश ने क्या कहा?
राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव से 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी सवाल किया गया। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो गठबंधन पहले था, वही आगे भी रहेगा।
उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, गठबंधन के स्वरूप और सीटों के बंटवारे को लेकर अभी विस्तृत तस्वीर सामने नहीं आई है।
राकेश सचान से मुलाकात पर भी दी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान से मुलाकात के सवाल पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी नेता से मुलाकात होने का अर्थ यह नहीं है कि राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि आने वाले समय में जनता सरकार बदलेगी।
तीसरे उम्मीदवार के ऐलान पर टिकी नजर
सपा के दो प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद अब पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता है। अखिलेश यादव ने नाम बताने के बजाय संख्या पूरी होने की बात कही है। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार का चयन सपा के लिए केवल नाम की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ चुनावी समर्थन का गणित भी जुड़ा हुआ है।
फिलहाल प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी नामांकन दाखिल कर चुके हैं और तीसरे प्रत्याशी का नाम सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में सपा किस चेहरे को मैदान में उतारती है और उसके लिए समर्थन का क्या समीकरण बनता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।



