CJP Protest: बेचैनी के बाद उठा सीने में दर्द, अस्पताल में 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत; शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी तबीयत
मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन के दौरान गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
CJP Protest: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के शिवाजी पार्क में गांधी जयंती के मौके पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें पहले बेचैनी महसूस हुई और इसके बाद सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद की, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती तौर पर मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताई जा रही है।
मृतक की पहचान गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई के रूप में हुई है। वह ठाणे के रहने वाले थे और शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शिवाजी पार्क पहुंचे थे। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
करीब 4:30 बजे प्रदर्शन में पहुंचे थे बुजुर्ग
पुलिस के अनुसार, गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई करीब शाम 4:30 बजे शिवाजी पार्क पहुंचे थे। CJP का विरोध प्रदर्शन उस समय चल रहा था। करीब आधे घंटे बाद गेट नंबर 6 के पास उन्हें अचानक बेचैनी महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने की कोशिश की। पुलिसकर्मी भी उनकी सहायता के लिए पहुंचे। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद एक डॉक्टर ने प्राथमिक तौर पर उनका इलाज किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें शिवाजी पार्क स्थित सुश्रूषा अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में हार्ट अटैक को मौत की वजह बताया गया है। हालांकि, मौत के सटीक कारण की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
तेज धूप में शुरू हुआ था प्रदर्शन
CJP का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को करीब 4 बजे शुरू हुआ था। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान तेज धूप थी और शिवाजी पार्क के आसपास का इलाका लोगों से भर गया था।
प्रदर्शन को लेकर पुलिस से अनुमति नहीं मिलने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क पहुंचे। भीड़ बढ़ने के कारण मैदान के आसपास का क्षेत्र काफी व्यस्त हो गया था।
ऐसे माहौल के बीच 75 वर्षीय पिल्लई की तबीयत खराब हुई। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी स्थिति संभल नहीं सकी।
CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने सरकार को दी थी चुनौती
CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके भी प्रदर्शन में मौजूद थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन को संबोधित किया। दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की चुनौती भी दी।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। दीपके ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं और इसी वजह से उन्हें अलग-अलग मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं।
उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए जंतर-मंतर आंदोलन का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उस आंदोलन के करीब दो महीने बाद एक बार फिर उन्हें प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। संगठन की ओर से चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े कई सवाल उठाए जाते रहे हैं।
शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। पुलिस की अनुमति को लेकर विवाद के बीच प्रदर्शन आयोजित किए जाने से प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रही।
इसी प्रदर्शन के दौरान गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की तबीयत बिगड़ने और बाद में उनकी मौत की घटना सामने आई।
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अस्पताल ले जाने के बावजूद नहीं बच सकी जान
पिल्लई की तबीयत बिगड़ते ही मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने उन्हें संभाला। वहां मौजूद डॉक्टर ने शुरुआती चिकित्सा सहायता दी। इसके बाद उन्हें तत्काल सुश्रूषा अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी हालत और बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। 75 वर्ष की उम्र में प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे पिल्लई की मौत ने कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों को भी प्रभावित किया।
यह घटना ऐसे समय हुई जब शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन को लेकर पहले से ही राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा चल रही थी। प्रदर्शन का मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से जुड़ा था, जबकि कार्यक्रम के दौरान एक बुजुर्ग की मौत ने इस पूरे घटनाक्रम में मानवीय पहलू भी जोड़ दिया है।



