Asian Games 2026: प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, गोल्फ में भारत को पहली बार मिला व्यक्तिगत गोल्ड

15-अंडर 265 के स्कोर के साथ प्रणवी उर्स ने महिलाओं की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले स्पर्धा जीती, भारतीय महिला टीम ने भी सिल्वर मेडल हासिल किया।

Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों का सिलसिला लगातार जारी है। भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के पदक खाते में कई मेडल जोड़े हैं। इसी कड़ी में महिला गोल्फर प्रणवी शरथ उर्स ने इतिहास रचते हुए भारत को गोल्फ की व्यक्तिगत स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक दिला दिया।

प्रणवी ने महिलाओं की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले स्पर्धा में चार राउंड के बाद 15-अंडर पार यानी कुल 265 शॉट का स्कोर बनाया। उन्होंने सिंगापुर की शैनन टैन और चीन की रुओनिंग यिन को एक स्ट्रोक के अंतर से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ प्रणवी एशियाई खेलों की व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं।

आखिरी दौर में मुश्किल स्थिति से की शानदार वापसी

प्रणवी उर्स के लिए अंतिम दौर आसान नहीं रहा। मुकाबले के दौरान तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी ने उनकी तीन शॉट की बढ़त को खत्म कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा और जल्द ही अपनी स्थिति संभाल ली।

इसके बाद भारतीय गोल्फर ने तीन बर्डी लगाकर वापसी की और शीर्ष स्थान की दौड़ में बनी रहीं। आखिरी होल तक मुकाबला बेहद करीबी रहा। प्रणवी ने अंतिम दौर को ईवन-पार 70 के स्कोर के साथ पूरा किया और चार राउंड के बाद उनका कुल स्कोर 15-अंडर 265 रहा।

इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को एक शॉट से पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। उनकी इस जीत ने भारतीय गोल्फ के लिए एशियाई खेलों में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

गोल्फ की टीम स्पर्धा में भी भारत को सिल्वर

प्रणवी उर्स की व्यक्तिगत स्वर्ण पदक वाली उपलब्धि के अलावा भारतीय महिला गोल्फ टीम ने भी एशियन गेम्स 2026 में पदक अपने नाम किया। प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की भारतीय तिकड़ी ने महिला टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।

भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर बनाया। टीम इवेंट में प्रणवी के व्यक्तिगत प्रदर्शन का भी अहम योगदान रहा। व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण और टीम इवेंट में रजत जीतने के साथ भारतीय महिला गोल्फ टीम ने प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि प्रणवी का प्रदर्शन उस समय आया, जब व्यक्तिगत मुकाबले में उन पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। ट्रिपल बोगी के बाद उन्होंने जिस तरह अपने खेल को संभाला, उसने उन्हें शीर्ष पर बनाए रखा।

चार राउंड में 265 शॉट का स्कोर

महिलाओं की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले स्पर्धा में खिलाड़ियों को चार राउंड पूरे करने होते हैं। प्रणवी ने इन चारों राउंड में कुल 265 शॉट खेले। पार स्कोर 280 था, यानी उन्होंने पार से 15 शॉट कम खेलते हुए 15-अंडर-पार का स्कोर बनाया।

अंतिम दौर में 70 का ईवन-पार स्कोर करने के बावजूद उनके शुरुआती राउंड के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें बढ़त बनाए रखने में मदद की। सिंगापुर की शैनन टैन और चीन की रुओनिंग यिन से उनका अंतर सिर्फ एक शॉट रहा। ऐसे में आखिरी राउंड में हर शॉट महत्वपूर्ण था और प्रणवी ने दबाव के बीच अपना खेल बनाए रखा।

कौन हैं प्रणवी उर्स?

प्रणवी शरथ उर्स भारतीय गोल्फ की उभरती हुई खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने कम उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था और धीरे-धीरे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

प्रणवी ने पांच वर्ष की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। जूनियर और एमेच्योर स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्होंने 2015 में लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रोक प्ले चैंपियनशिप जीतकर भी इतिहास बनाया। वह इस प्रतियोगिता को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं।

इसके बाद 2016 में उन्होंने प्रोफेशनल गोल्फ का रुख किया। पेशेवर स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के बाद एशियाई खेलों में उनका प्रदर्शन उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

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भारतीय गोल्फ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

एशियन गेम्स में गोल्फ लंबे समय से भारत के पदक अभियान का हिस्सा रहा है। भारत ने इस खेल में अलग-अलग संस्करणों में पदक जीते हैं, लेकिन महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करना अब तक बाकी था।

प्रणवी उर्स ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में इस कमी को पूरा कर दिया। उनका 15-अंडर 265 का स्कोर और एक शॉट की जीत भारतीय गोल्फ के लिए यादगार उपलब्धि बन गई है।

व्यक्तिगत गोल्ड और टीम सिल्वर के साथ प्रणवी और भारतीय महिला गोल्फ टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब उनकी यह उपलब्धि भारतीय गोल्फ में आने वाली नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर देखी जा रही है।

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