CM Yogi Adityanath: छात्रवृत्ति से मिली पढ़ाई को नई रफ्तार, 4.60 लाख विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे 148 करोड़

CM Yogi Adityanath: लोकभवन में सीएम योगी ने डीबीटी के जरिए किया छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति राशि का अंतरण, विद्यार्थियों ने बताया पढ़ाई के लिए आर्थिक सहारा

CM Yogi Adityanath: पढ़ाई के खर्च को लेकर आर्थिक दबाव झेल रहे हजारों विद्यार्थियों के लिए शनिवार का दिन राहत लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 4,60,559 विद्यार्थियों को इस चरण में लाभ मिला।

सरकार के मुताबिक, राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े खर्चों में सहायता मिलेगी। छात्र-छात्राओं ने भी कहा कि छात्रवृत्ति की रकम से फीस, किताबें, कॉपियां और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में परिवार को मदद मिलेगी।

किताबों और फीस के खर्च में मिलेगी मदद

छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि आर्थिक सहायता का इस्तेमाल वे अपनी पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों के लिए करेंगे। गोसाईंगंज के सत्यम ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से परिवार पर पढ़ाई का खर्च कुछ कम होगा और वह रकम से किताबें तथा जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदेंगे।

सुरियामऊ के विवेक कनौजिया ने बताया कि छात्रवृत्ति से फीस और किताबों का खर्च संभालने में मदद मिलेगी। वहीं रकीबखेड़ा के अमन कुमार ने कहा कि वह इस राशि से नई किताबें खरीदकर पढ़ाई को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाएंगे।

गोसाईंगंज के मयंक रावत ने भी कहा कि छात्रवृत्ति से शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी। उनके लिए मुख्यमंत्री के हाथों स्वीकृति पत्र प्राप्त करना भी विशेष अनुभव रहा।

आर्थिक सहायता से सपनों को मिला सहारा

इटौंजा की साक्षी ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से आगे की पढ़ाई जारी रखने का उत्साह बढ़ा है। आर्थिक मदद से पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना आसान होगा।

डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे सत्येंद्र रावत ने कहा कि छात्रवृत्ति से परिवार को शिक्षा का खर्च संभालने में सहूलियत मिलेगी। उनका कहना है कि इससे वह अपने लक्ष्य की तैयारी पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

वहीं पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य रखने वाले एक छात्र ने कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से परिवार पर पढ़ाई का बोझ कम होगा और भविष्य की तैयारी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

परिवार पर कम होगा शिक्षा का खर्च

इटौंजा की आकांक्षा गौतम ने बताया कि छात्रवृत्ति से किताबें और दूसरी शैक्षणिक सामग्री खरीदी जा सकेगी। इससे परिवार पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

अर्चना ने भी छात्रवृत्ति को आगे की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग बताया। विद्यार्थियों का कहना था कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई में रुकावट न आए, इसके लिए इस तरह की सहायता उपयोगी है।

मजदूर पिता के बेटे रणवीर के लिए खास रहा दिन

कक्षा 12 के छात्र रणवीर वर्मा के लिए मुख्यमंत्री के हाथों छात्रवृत्ति का स्वीकृति पत्र मिलना यादगार अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं और ऐसे में शिक्षा का खर्च परिवार के लिए चुनौती बन सकता है।

रणवीर के मुताबिक, छात्रवृत्ति मिलने से परिवार का आर्थिक बोझ कम होगा और वह अपनी पढ़ाई को आगे जारी रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों स्वीकृति पत्र प्राप्त करने का अनुभव उनके लिए हमेशा खास रहेगा।

हिमांशु वर्मा ने भी छात्रवृत्ति मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता उन्हें पढ़ाई जारी रखने और अपने भविष्य के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी।

ओबीसी के 2.23 लाख विद्यार्थियों को 60.01 करोड़

इस चरण में अलग-अलग सामाजिक वर्गों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि दी गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खातों में 60.01 करोड़ रुपये भेजे गए।

वहीं अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को 64.54 करोड़ रुपये की राशि मिली। सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को 12.06 करोड़ रुपये भेजे गए।

सीधे खाते में पहुंची राशि

छात्रवृत्ति वितरण को डीबीटी के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों से जोड़ा गया है। सरकार की ओर से छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में तकनीक और ऑटोमेशन के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों तक राशि सीधे पहुंचाना है।

इस कार्यक्रम के जरिए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एक साथ आर्थिक सहायता मिली है। छात्र-छात्राओं के लिए यह राशि पढ़ाई से जुड़े तत्काल खर्च पूरे करने के साथ आगे की शिक्षा की तैयारी में भी मददगार हो सकती है।

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