Uttar Pradesh: शिक्षामित्रों के खाते में पहुंचेगा बढ़ा हुआ मानदेय, योगी सरकार ने जारी किए ₹460.23 करोड़
Uttar Pradesh: समग्र शिक्षा योजना के तहत कार्यरत शिक्षामित्रों को मिलेगा बढ़े वेतनमान का लाभ, सरकार ने भुगतान प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने बढ़े हुए मानदेय के भुगतान के लिए 460.23 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। इस फैसले से प्रदेश के 1,27,841 शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का यह कदम शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जारी की गई राशि शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्टूबर माह के मानदेय भुगतान के लिए निर्धारित की गई है। शासन की ओर से सभी जिलों को उनके हिस्से के अनुसार धनराशि आवंटित कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दो महीनों के लिए जारी हुई बड़ी राशि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर माह के मानदेय भुगतान के लिए 230.11 करोड़ रुपये और अक्टूबर माह के लिए भी 230.11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस तरह दोनों महीनों को मिलाकर कुल 460.23 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। जिला स्तर पर आवंटन होने के बाद अब शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ी हुई दर से मानदेय पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।
मानदेय में 80 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी
प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया है। यानी प्रत्येक शिक्षामित्र को हर महीने 8 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यह वृद्धि लगभग 80 प्रतिशत के बराबर है, जिसे शिक्षामित्रों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत माना जा रहा है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठ रही थी और अब बढ़ी हुई दर का लाभ बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों को मिलने जा रहा है।
आर्थिक मजबूती के साथ बढ़ेगा मनोबल
मानदेय में वृद्धि से शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। बढ़ी हुई आय से उन्हें दैनिक जरूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही उनका मनोबल भी बढ़ेगा, जिससे वे विद्यालयों में अधिक उत्साह और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
शिक्षा व्यवस्था को भी होगा फायदा
शिक्षा विभाग का मानना है कि आर्थिक सुरक्षा मिलने से शिक्षामित्रों का ध्यान शिक्षण कार्य पर अधिक केंद्रित होगा। इससे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि शिक्षामित्र विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके हितों को मजबूत करना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
बढ़े हुए मानदेय और समय पर भुगतान की व्यवस्था से प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों को राहत मिलने के साथ-साथ स्कूलों में शैक्षणिक माहौल को भी सकारात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



