bitchat app: बिना इंटरनेट चलने वाला BitChat भारत में बैन जैसा एक्शन, Apple ने क्यों हटाया ऐप?

bitchat app: MeitY के निर्देश के बाद Apple ने भारत में BitChat की उपलब्धता रोकी, Bluetooth मैसेजिंग ऐप को लेकर उठे कई सवाल

bitchat app: बिना इंटरनेट के मैसेज भेजने की सुविधा देने वाला BitChat ऐप एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। Apple ने भारत में अपने App Store से इस ऐप को हटा दिया है। बताया जा रहा है कि यह कदम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के निर्देश के बाद उठाया गया है।

BitChat को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने पेश किया था। यह ऐप पारंपरिक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से अलग तकनीक पर काम करता है और इंटरनेट उपलब्ध न होने पर भी उपयोगकर्ताओं को एक-दूसरे से जोड़ने की क्षमता रखता है।

Apple को मिला सरकारी निर्देश

मामला तब सामने आया जब जैक डोर्सी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Apple की ओर से भेजे गए नोटिस का स्क्रीनशॉट साझा किया। नोटिस में बताया गया था कि भारत सरकार के निर्देश के तहत BitChat को भारतीय App Store से हटाया जा रहा है।

Apple ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल भारत तक सीमित है और अन्य देशों में ऐप की उपलब्धता जारी रहेगी। इसके साथ ही भारत में ऐप के TestFlight बीटा संस्करण की पहुंच भी बंद कर दी गई है।

क्या है BitChat की खास तकनीक?

BitChat की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं रहता। ऐप Bluetooth Mesh Networking तकनीक का उपयोग करता है, जिसमें आसपास मौजूद डिवाइस एक-दूसरे से जुड़कर संदेशों को आगे बढ़ाते हैं।

इस व्यवस्था में किसी केंद्रीय सर्वर की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि इंटरनेट बंद होने या नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में भी उपयोगकर्ता आपस में संपर्क बनाए रख सकते हैं।

पहले भी विवादों में रहा है ऐप

BitChat का नाम इससे पहले भी चर्चा में आ चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलाई में राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस ऐप का इस्तेमाल संचार के लिए किया था।

इसके बाद ऐप को लेकर सरकारी स्तर पर चिंताएं सामने आई थीं। हालिया घटनाओं और कुछ प्रदर्शनों के दौरान इसके संभावित उपयोग को देखते हुए मामला फिर चर्चा में आया और अब App Store से हटाने की कार्रवाई की गई है।

सरकार की चिंता क्या है?

जानकारी के अनुसार, सरकार को आशंका है कि इंटरनेट से स्वतंत्र रूप से काम करने वाली ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में भीड़ जुटाने, गुप्त संचार या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

इसी आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, सरकार की ओर से इस मामले में विस्तृत सार्वजनिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

डिजिटल अधिकार संगठनों ने उठाए सवाल

दूसरी ओर, डिजिटल अधिकारों के लिए काम करने वाले कुछ संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि BitChat स्वयं कोई कंटेंट होस्ट नहीं करता और इसका ढांचा पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अलग है।

इन संगठनों ने सरकार से आदेश को सार्वजनिक करने और कार्रवाई के आधार को स्पष्ट करने की मांग की है। फिलहाल BitChat को लेकर बहस तेज हो गई है और यह मामला तकनीक, गोपनीयता और डिजिटल नियंत्रण के बीच संतुलन की नई चर्चा छेड़ रहा है।

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