Riyadh Airport Attack: रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमले से मची अफरातफरी, एक की मौत और 11 घायल; घटना का वीडियो आया सामने
Riyadh Airport Attack: किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 में आग लगने की खबर, लगातार हमलों के बाद उड़ान संचालन प्रभावित; 10 अक्टूबर के हमले में 13 लोगों की मौत का दावा
Riyadh Airport Attack: सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार, 11 अक्टूबर को हुए हमले के बाद हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 में आग लगने की घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हुए। घटना के दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। इस घटनाक्रम से जुड़े वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।
लगातार हो रही घटनाओं के कारण एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कुछ उड़ानों को रद्द किए जाने और कुछ के समय में बदलाव की सूचना है। यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
हमले के दौरान यात्रियों में मची अफरातफरी
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के समय एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया। सामने आए बताए जा रहे वीडियो में तेज रोशनी और धुएं के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और घटना से उसके संबंध की आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।
टर्मिनल-4 में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई। लगातार हमलों की खबरों ने एयरपोर्ट पर यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं। अधिकारियों की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और हवाई संचालन को सुरक्षित बनाए रखने के प्रयास किए जाने की जानकारी दी गई है।
पिछले हमले में 13 लोगों की मौत का दावा
खबर में दिए गए विवरण के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए एक अन्य हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 309 लोग घायल हुए थे। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के हवाले से मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
उस घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की बात कही गई थी। लगातार सामने आ रही हमलों की खबरों ने सऊदी अरब में हवाई यातायात की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, दोनों घटनाओं के आंकड़ों और उनके आपसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
हूती विद्रोहियों ने पहले हमले की जिम्मेदारी ली
खबर के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने 10 अक्टूबर को हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। यह संगठन यमन में सक्रिय है और उसे ईरान का समर्थन प्राप्त माना जाता है। हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाने की चेतावनी दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
हालांकि, 11 अक्टूबर को टर्मिनल-4 में हुई घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी स्पष्ट पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। इसलिए दोनों घटनाओं को एक ही हमले या एक ही संगठन की कार्रवाई मानने से पहले आधिकारिक बयान और स्वतंत्र रिपोर्टों की पुष्टि आवश्यक है।
उड़ान संचालन प्रभावित, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
लगातार हमलों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन में व्यवधान की खबर है। कुछ उड़ानों के रद्द होने और उनके समय में बदलाव किए जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे हालात में यात्रियों को अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति, प्रस्थान समय और टर्मिनल से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और सामान्य संचालन की बहाली पर भी नजर रखी जा रही है।
यमन संघर्ष के और तेज होने की आशंका
सऊदी अरब लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है और हूती विद्रोहियों के खिलाफ संघर्ष में शामिल रहा है। ऐसे में सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमलों की खबरें क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की कार्रवाई में अमेरिका की संभावित सहायता पर विचार किए जाने का भी खबर में उल्लेख है। यदि क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई बढ़ती हैं, तो इसका असर सुरक्षा व्यवस्था और हवाई यातायात पर पड़ सकता है। फिलहाल, घटनाओं की जिम्मेदारी, नुकसान के अंतिम आंकड़ों और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।



